दिल्ली के टिकरी कलां में CNG पंप पर बड़ा हादसा, गैस भरते वक्त हुआ जोरदार धमाका, 1 की मौत, 6 घायल
दिल्ली के टिकरी कलां इलाके में बुधवार को CNG पंप पर हुए जोरदार धमाके ने आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। गैस भरने की प्रक्रिया के दौरान अचानक हुए इस विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। धमाका इतना तेज था कि आसपास मौजूद लोग घबरा गए और मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत-बचाव का काम शुरू किया।
रीफिलिंग ट्रक से गैस भरते वक्त हुआ धमाका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, CNG पंप पर एक रीफिलिंग ट्रक के जरिए गैस भरी जा रही थी। इसी दौरान अचानक तेज धमाका हुआ और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। धमाके की आवाज दूर तक सुनाई देने की बात कही जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से आसपास का इलाका घेर लिया और पंप परिसर में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल लोगों को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे में छह लोग घायल, एक ने दम तोड़ा
ब्लास्ट की चपेट में आने से कुल छह लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि बाकी पांच का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। घायलों की मौजूदा स्थिति को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। दमकल की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और किसी अन्य खतरे की आशंका को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
ब्लास्ट की वजह तलाशने में जुटी जांच टीमें
हादसे के पीछे की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि कहीं गैस लीकेज की वजह से तो यह विस्फोट नहीं हुआ या फिर रीफिलिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी ने दुर्घटना को जन्म दिया। अधिकारियों की ओर से CNG पंप के उपकरणों और रीफिलिंग ट्रक की तकनीकी जांच कराए जाने की संभावना है। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों और गैस भरने की प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं को भी देखा जाएगा।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने CNG पंपों पर गैस रीफिलिंग के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है और हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने और घटनास्थल को सुरक्षित रखने की है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमाका किस कारण हुआ और इसमें किसी तरह की लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।