कश्मीर में आतंक पर करारा प्रहार! सुरक्षाबलों ने पाकिस्तानी आतंकी कमांडर को किया ढेर
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। शनिवार को यूसमर्ग इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में पाकिस्तानी लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर यासिर मारा गया। बताया जा रहा है कि यासिर पहले लश्कर के बड़े सुलेमान मूसा ग्रुप का हिस्सा था, लेकिन करीब एक साल पहले उसने इस ग्रुप से अलग होकर यूसमर्ग इलाके में अपनी गतिविधियां शुरू कर दी थीं। सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थीं।
मुठभेड़ के बाद यासिर के नेटवर्क की जांच तेज
यासिर के मारे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके नेटवर्क और संपर्कों की जांच शुरू कर दी है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके लश्कर के दूसरे आतंकियों के साथ किस तरह के संबंध थे और क्या वह हाल में किसी आतंकी साजिश या हमले की योजना में शामिल था। यूसमर्ग में हुई यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है और सुरक्षाबलों की नजर इलाके में सक्रिय अन्य संदिग्धों पर भी बनी हुई है।
बडगाम में भी एक आतंकी हुआ था ढेर
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में भी सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें एक आतंकी मारा गया था। उसके पाकिस्तानी नागरिक होने का संदेह जताया गया था। इलाके में एक और संदिग्ध आतंकी के छिपे होने की आशंका के चलते तलाशी अभियान जारी रखा गया था। यह संयुक्त अभियान भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की ओर से चलाया गया।
पहाड़ी इलाकों में लगातार आतंकियों की तलाश
अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षाबलों ने पुंछ के अशदर गली से यूसमर्ग होते हुए पुलवामा के पाखेरपोरा की ओर बढ़ रहे संदिग्ध आतंकियों के एक समूह की गतिविधियों को ट्रैक किया था। सेना पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के ऊंचाई वाले पहाड़ी दर्रों से गुजर रहे इस समूह पर लगातार नजर रख रही थी। इसके बाद 1 सितंबर को इलाके में घेराबंदी की गई और 3 सितंबर को अशदर गली में आतंकियों से सुरक्षाबलों का संपर्क हुआ। इसके बाद ऑपरेशन शुरू किया गया, जो अब यूसमर्ग में लश्कर कमांडर यासिर के मारे जाने तक पहुंचा है।