दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना ने राजधानी में पीजी और किराए के मकानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव अभियान पूरा होने के बाद जहां प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है, वहीं सामने आए रेंट एग्रीमेंट ने इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।
रेंट एग्रीमेंट में लिखी थी हादसे की जिम्मेदारी से जुड़ी शर्त
हादसे के बाद सामने आई पीजी के रेंट एग्रीमेंट की कॉपी में एक ऐसी शर्त दर्ज है, जिस पर अब सवाल उठ रहे हैं। एग्रीमेंट में लिखा था, “पीजी अधिकारी/मकान मालिक मेरे (किराएदार) साथ होने वाली किसी भी अनहोनी, दुर्घटना या जानमाल के जोखिम के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।”
पांच मंजिला इमारत में पीजी और छात्रों के रहने की व्यवस्था थी। ऐसे में इस शर्त के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर छात्रों और अन्य किराएदारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और इमारत की स्थिति को लेकर क्या सावधानियां बरती गई थीं।
मलबे से 12 लोग निकाले गए, सात की मौत
सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद शुरू हुआ राहत और बचाव अभियान करीब 26 घंटे तक चला। मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें सात लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच घायलों का एम्स और सफदरजंग अस्पताल में इलाज जारी है। इनमें तीन घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सोमवार दोपहर करीब चार बजे तक घटनास्थल से मलबा हटाने का काम पूरा कर लिया गया। इसके बाद अधिकारियों ने बताया कि अब किसी अन्य व्यक्ति के मलबे में दबे होने की आशंका नहीं है।
बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता गिरफ्तार
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद वह गुरुग्राम सेक्टर-23 स्थित अपने घर से निकलकर भिवाड़ी चला गया था। पुलिस ने उसे सोमवार दोपहर भिवाड़ी से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने हरिराम गुप्ता की पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को भी गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि संपत्ति उर्मिला गुप्ता के नाम पर है और दोनों इसकी देखभाल करते थे। घटना के बाद हरिराम के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी कराया गया था, ताकि उसके देश से बाहर जाने की कोशिश करने पर उसे पकड़ा जा सके।
पीजी संचालक सुधांशु की तलाश जारी
पुलिस अब उस व्यक्ति की भी तलाश कर रही है, जिसने इमारत में ‘हॉस्टल डेज’ नाम से पीजी संचालित किया था। पीजी संचालक सुधांशु घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश में पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, करीब दो साल पहले सुधांशु ने हरिराम गुप्ता की जर्जर इमारत को लीज पर लिया था। इसके बाद मामूली मरम्मत कराकर वहां पीजी शुरू किया गया था। बताया जाता है कि सुधांशु दिल्ली के अन्य इलाकों में भी इमारतें लीज पर लेकर पीजी चलाता है।
एमसीडी के पांच अधिकारियों पर गिरी गाज
हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने भी बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दक्षिणी जोन के उपायुक्त राकेश कुमार समेत पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबित अधिकारियों में दक्षिणी जोन के उपायुक्त राकेश कुमार, अधीक्षण अभियंता (भवन) रणबीर सिंह, अधिशासी अभियंता (भवन) ललित कुमार गोयल, सहायक अभियंता (भवन) सुनील चौहान और कनिष्ठ अभियंता (भवन) आशीष कुमार शामिल हैं।