देहरादून ने बड़े-बड़े शहरों को छोड़ा पीछे! सालाना इनकम के मामले में है नंबर-1, जानें पूरी डिटेल
नौकरी करने वालों के लिए सिर्फ रोजगार मिलना ही काफी नहीं होता, बल्कि कमाई कितनी है, यह भी उतना ही मायने रखता है। बढ़ती महंगाई के बीच अच्छी आय होने पर परिवार की जरूरतें पूरी करना आसान हो जाता है, जबकि कम वेतन में रोजमर्रा का खर्च संभालना चुनौती बन जाता है। इसी बीच अलग-अलग जिलों में कामगारों की औसत सालाना कमाई को लेकर सामने आए आंकड़ों में देहरादून ने सबसे ऊपर जगह बनाई है।
देहरादून में सबसे ज्यादा औसत कमाई
आंकड़ों के मुताबिक, गैर-निगमित कारोबारों में काम करने वाले कर्मचारियों की औसत सालाना कमाई देहरादून में करीब 4.6 लाख रुपये दर्ज की गई है। इस आंकड़े के साथ उत्तराखंड का यह जिला कर्मचारियों की औसत आय के मामले में देश के कई दूसरे जिलों से आगे निकल गया है। खास बात यह है कि देहरादून की कमाई बाकी शीर्ष जिलों की तुलना में भी काफी ज्यादा है।
दक्षिण कन्नड़ से लेकर कन्नूर तक शामिल
देहरादून के बाद दक्षिण कन्नड़ का नाम दूसरे स्थान पर आता है, जबकि राजस्थान का अजमेर तीसरे पायदान पर है। इसके बाद मध्य प्रदेश का इंदौर और केरल का कन्नूर क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर हैं। इन जिलों में गैर-निगमित कारोबारों में काम करने वाले कर्मचारियों की औसत सालाना कमाई करीब 2.5 लाख से 3.5 लाख रुपये के बीच बताई गई है।
नौकरी तलाशने वालों के लिए क्यों अहम हैं ये आंकड़े?
अगर कोई व्यक्ति रोजगार के लिए दूसरे शहर में जाने की योजना बना रहा है तो ऐसे आंकड़े उसके फैसले में मददगार साबित हो सकते हैं। अलग-अलग शहरों में नौकरी के अवसर और आमदनी का स्तर अलग होता है। मौजूदा आंकड़ों से पता चलता है कि गैर-निगमित कारोबारों में काम करने वालों की औसत आय के लिहाज से देहरादून फिलहाल सबसे बेहतर स्थिति में नजर आता है।
कमाई के साथ कामकाज में भी देहरादून आगे
देहरादून की खासियत केवल कर्मचारियों की औसत कमाई तक सीमित नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों में यह जिला सेवाओं और काम के तैयार होने के स्तर के मामले में भी आगे बताया गया है। यानी बेहतर औसत आय के साथ यहां गैर-निगमित कारोबारों की गतिविधियां भी मजबूत दिखाई देती हैं, जो नौकरी और रोजगार की तलाश करने वालों के लिए इसे एक अहम शहर बनाती हैं।