पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक से अफगानिस्तान में हड़कंप, कुनार में 3 की मौत; पक्तिका में भी हमले
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पार तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। सोमवार तड़के पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांत के कई इलाकों में हवाई हमले किए। अफगान अधिकारियों के मुताबिक, कुनार में हुए हमले में तीन लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। पक्तिका में भी दो अलग-अलग जगहों पर हमले की सूचना है।
कुनार में रिहायशी मकान हुआ तबाह
टोलो न्यूज के अनुसार, कुनार प्रांत के नरांग जिले में तड़के करीब 3 बजे एक ठिकाने को निशाना बनाकर हवाई हमला किया गया। प्रांतीय सूचना एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख नजीबुल्लाह हनीफ के मुताबिक, हमले की चपेट में आने से एक रिहायशी मकान पूरी तरह ढह गया। अफगान अधिकारियों ने तीन लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की जानकारी दी है। पाकिस्तान की ओर से इन हमलों को लेकर अलग दावे सामने आए हैं।
पक्तिका में घर और दुकान को बनाया निशाना
पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में राखा और तोरकंडी इलाकों में दो अलग-अलग हवाई हमलों की भी जानकारी सामने आई है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, एक हमले में खाली मकान और दूसरे में एक दुकान को निशाना बनाया गया। इन दोनों घटनाओं में संपत्ति को नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। ये हमले ऐसे समय हुए हैं जब दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव लगातार बना हुआ है।
पाकिस्तान में हुए हमले के बाद बढ़ा तनाव
ताजा एयर स्ट्राइक पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाके में सुरक्षा बलों पर हुए घातक हमले के दो दिन बाद हुई है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में अपने सैन्य अभियानों को सीमा पार सक्रिय उग्रवादी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई के रूप में पेश किया है, जबकि अफगान पक्ष ने ऐसे हमलों की निंदा की है। हालिया घटनाओं के बीच दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा और कथित उग्रवादी गतिविधियों को लेकर विवाद और गहरा हुआ है।
UNAMA के आंकड़ों में नागरिकों पर असर
संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) ने अप्रैल से जून 2026 के दौरान सीमा पार सशस्त्र हिंसा से अफगानिस्तान में 399 नागरिकों के हताहत होने की जानकारी दी है। मिशन के अनुसार, इस अवधि में 57 लोगों की मौत और 342 लोग घायल हुए। रिपोर्ट में महिलाओं और बच्चों के भी प्रभावित होने का उल्लेख है तथा हवाई हमलों और जमीनी संघर्ष को नागरिक नुकसान के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है।
पहले भी बड़े पैमाने पर दर्ज हो चुकी हैं हताहतियां
अफगानिस्तान में सीमा पार सैन्य कार्रवाई से नागरिकों के नुकसान का मुद्दा पहले भी सामने आता रहा है। UNAMA ने फरवरी के अंत से मार्च की शुरुआत तक हुई घटनाओं में 185 नागरिक हताहत दर्ज किए थे, जिनमें 56 लोगों की मौत और 129 लोग घायल हुए थे। जून में भी UNAMA ने पक्तिया, पक्तिका और कुनार में हवाई हमलों के बाद कम से कम 28 नागरिकों की मौत और 49 लोगों के घायल होने की पुष्टि की थी। ताजा हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव और नागरिक सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर बढ़ गई हैं।