दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए एक्शन प्लान तैयार! 1 नवंबर से निर्माण पर रोक, पार्किंग फीस होगी दोगुनी
दिल्ली में सर्दियों की दस्तक के साथ प्रदूषण को नियंत्रित करने की कवायद तेज हो गई है। राजधानी में हवा की गुणवत्ता खराब होने से पहले ही सरकार ने कई अहम कदमों का ऐलान किया है। निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक के साथ पार्किंग शुल्क बढ़ाने, सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव और वर्क फ्रॉम होम लागू करने की तैयारी है।
1 नवंबर से निर्माण और तोड़फोड़ पर लगेगी रोक
पर्यावरण भवन में हुई बैठक में सर्दियों के दौरान प्रदूषण से निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और PWD मंत्री प्रवेश वर्मा मौजूद रहे। तय योजना के मुताबिक 1 नवंबर 2026 से बाहरी निर्माण और धूल उड़ाने वाली तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रोक लागू होगी।
10 दिसंबर से 20 जनवरी तक पूरी पाबंदी
सरकार ने प्रदूषण के लिहाज से सबसे संवेदनशील अवधि के लिए और सख्त व्यवस्था का फैसला किया है। 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। वहीं, धूल पैदा करने वाले बाहरी सिविल निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर 1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक प्रतिबंध लागू रहेगा।
पार्किंग शुल्क होगा दोगुना
प्रदूषण के साथ-साथ निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों की फीस बढ़ाई जाएगी। 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक मौजूदा पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा। हालांकि, DMRC के स्वामित्व और प्रबंधन वाली पार्किंग इस फैसले के दायरे में नहीं आएगी। सरकार का उद्देश्य निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना है।
MCD और GNCTD दफ्तरों का समय बदलेगा
सर्दियों के दौरान ट्रैफिक और प्रदूषण प्रबंधन के तहत सरकारी कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया गया है। 1 नवंबर से 28 फरवरी तक MCD के दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे। वहीं, GNCTD के अधीन आने वाले कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित होंगे।
सरकारी दफ्तरों में 50% Work From Home
सरकार ने सरकारी और स्वायत्त कार्यालयों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम लागू करने का निर्देश भी दिया है। 1 नवंबर से 28 फरवरी तक आधे कर्मचारी घर से और बाकी आधे कर्मचारी कार्यालय से काम करेंगे। निर्माण गतिविधियों पर रोक, पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी, बदले हुए कार्यालय समय और वर्क फ्रॉम होम जैसे कदमों के जरिए सर्दियों में प्रदूषण के प्रभाव को कम करने की कोशिश की जाएगी।