Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Khabar Nest Khabar Nest
Khabar Nest Khabar Nest
  • Home
  • अजब-गजब
  • एजुकेशन
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
  • Home
  • अजब-गजब
  • एजुकेशन
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
Subscribe
Close

Search

दुनिया

अमेरिका के आगे फिर गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, 10 अरब डॉलर के लिए फैलाए हाथ, अब क्यों मांग रहा भीख?

By dolly singh
July 22, 2026 2 Min Read
0

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने की कोशिशों में खुद को अहम खिलाड़ी के रूप में पेश करने के बाद पाकिस्तान ने अब इस कूटनीतिक सक्रियता को आर्थिक फायदे में बदलने की पहल शुरू कर दी है। गंभीर विदेशी मुद्रा संकट और कमजोर होती अर्थव्यवस्था से जूझ रहे पाकिस्तान ने अमेरिका से 10 अरब डॉलर की एक्सचेंज स्टेबिलाइजेशन फैसिलिटी की मांग की है। माना जा रहा है कि इस वित्तीय सहायता के जरिए इस्लामाबाद अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करना और आर्थिक दबाव से बाहर निकलना चाहता है।

10 अरब डॉलर की वित्तीय मदद की मांग

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट को भेजे गए अनुरोध में पांच वर्षों के लिए 10 अरब डॉलर की द्विपक्षीय एक्सचेंज स्टेबिलाइजेशन सपोर्ट फैसिलिटी देने की अपील की है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है तो पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है, रुपये पर बढ़ता दबाव कम होगा और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से कर्ज लेने की मजबूरी भी घट सकती है। हालांकि इसके बदले पाकिस्तान को IMF के तहत लागू वित्तीय अनुशासन और सख्त आर्थिक सुधारों को जारी रखना होगा।

वॉशिंगटन में हुई अहम मुलाकात

हाल ही में पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने वॉशिंगटन में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से मुलाकात की। पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने बताया कि बैठक के दौरान क्षेत्रीय भू-राजनीतिक हालात और उनके आर्थिक प्रभावों पर चर्चा हुई। हालांकि आधिकारिक बयान में 10 अरब डॉलर की सहायता मांग का कोई उल्लेख नहीं किया गया। इसके बावजूद सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान ने अमेरिका के सामने अपनी आर्थिक जरूरतों को प्रमुखता से रखा है।

पहले भी चुनिंदा देशों को मिल चुकी है ऐसी अमेरिकी सहायता

अमेरिका की एक्सचेंज स्टेबिलाइजेशन फैसिलिटी कोई सामान्य वित्तीय व्यवस्था नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल बेहद सीमित परिस्थितियों में किया जाता है। इस व्यवस्था के तहत अमेरिका किसी देश को डॉलर, करेंसी स्वैप या सरकारी गारंटी उपलब्ध कराकर उसकी मुद्रा और विदेशी मुद्रा भंडार को स्थिर रखने में मदद करता है। वर्ष 2025 में अर्जेंटीना और उससे पहले 2002 में उरुग्वे को इस तरह की सहायता मिल चुकी है, जबकि मेक्सिको के साथ अमेरिका की दीर्घकालिक करेंसी स्वैप व्यवस्था कई दशकों से लागू है।

IMF के सहारे टिकी अर्थव्यवस्था

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पिछले कुछ वर्षों से लगातार बाहरी वित्तीय सहायता पर निर्भर रही है। वर्ष 2023 में देश IMF से 3 अरब डॉलर का आपातकालीन पैकेज लेकर डिफॉल्ट से बचा था, जिसके बाद उसे 7 अरब डॉलर की एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी और जलवायु संबंधी चुनौतियों के लिए 1.3 अरब डॉलर का अतिरिक्त वित्तीय समर्थन भी मिला। इसके बावजूद पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार अब भी चीन, सऊदी अरब और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की मदद पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में अमेरिका से मांगी गई 10 अरब डॉलर की यह सहायता पाकिस्तान की आर्थिक रणनीति का अगला बड़ा दांव मानी जा रही है।

Tags:

AmericaPakistan
Author

dolly singh

Follow Me
Other Articles
Previous

बाबा महाकाल को चढ़ाए 2.70 लाख रुपये के मियाजाकी आम, अनोखी भक्ति ने खींचा सबका ध्यान

Next

CJP प्रोटेस्ट के बीच दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद, सुरक्षा कारणों के चलते DMRC का बड़ा फैसला

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2026 — Khabar Nest. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme