बिहार की राजधानी पटना बुधवार को राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गई। अलग-अलग संगठनों के प्रदर्शनों के बीच हालात उस समय बेकाबू हो गए, जब भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे। पथराव से पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई, जबकि पुलिस शुरुआती दौर में स्थिति संभालने में बेबस नजर आई।
कांग्रेस कार्यालय के बाहर बढ़ा तनाव
घटना कांग्रेस कार्यालय के बाहर हुई, जहां भाजपा ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए कांग्रेस के कार्यकर्ता पहले से ही बड़ी संख्या में कार्यालय परिसर में मौजूद थे। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौके पर मौजूद थे। दोपहर करीब दो बजे भाजपा कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए वहां पहुंचे, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच पहले धक्का-मुक्की और फिर मारपीट शुरू हो गई।
लाठी-डंडों और पथराव से बिगड़े हालात
कुछ ही मिनटों में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों ओर से लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया गया और जमकर पथराव हुआ। सड़क पर मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। इस झड़प में करीब एक दर्जन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, काफी देर तक इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
सदाकत आश्रम की ओर भी पथराव
हिंसा का असर शहर की आवाजाही पर भी पड़ा। दानापुर-गांधी मैदान मार्ग पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इस दौरान कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम की ओर भी पथराव की घटनाएं सामने आईं, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
काफी देर तक चले बवाल के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें सिटी एसपी भी शामिल रहीं, घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। फिलहाल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।