Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Khabar Nest Khabar Nest
Khabar Nest Khabar Nest
  • Home
  • अजब-गजब
  • एजुकेशन
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
  • Home
  • अजब-गजब
  • एजुकेशन
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
Subscribe
Close

Search

धर्म

Karwa Chauth 2026: अक्टूबर में कब रखा जाएगा करवा चौथ का व्रत? जान लें सही डेट और पूजा का मुहूर्त

By dolly singh
October 7, 2026 3 Min Read
0

करवा चौथ का व्रत भारतीय सुहागिन महिलाओं के लिए आस्था और दांपत्य प्रेम से जुड़ा प्रमुख पर्व है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। साल 2026 में करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। सूर्योदय से शुरू होने वाला यह व्रत रात में चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद पूरा होता है। चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलने की परंपरा है। करवा चौथ को करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है और पूजा में इस्तेमाल होने वाले मिट्टी के पात्र को करवा या करक कहा जाता है।

करवा चौथ 2026 में कब है?

द्रिक पंचांग के अनुसार, 2026 में करवा चौथ की चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात 1:06 बजे से शुरू होकर रात 10:09 बजे तक रहेगी। चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को होने के कारण इसी दिन करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करने के बाद निर्जला व्रत का संकल्प लेती हैं और दिनभर अन्न-जल का सेवन नहीं करतीं। पूजा और व्रत से जुड़े समय में स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए अपने शहर के अनुसार समय जरूर जांच लें।

करवा चौथ 2026 पूजा मुहूर्त: शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक रहेगा.

पूजा की अवधि:1 घंटा 17 मिनट

चंद्रोदय का समय: रात 8:17 बजे

रात 8:17 बजे होगा चंद्रोदय

करवा चौथ के दिन चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व होता है, क्योंकि चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलने की परंपरा है। 2026 में रात करीब 8:17 बजे चंद्रमा के दर्शन होने की संभावना है। चंद्रमा निकलने के बाद महिलाएं छलनी से चंद्रमा को देखती हैं, उन्हें जल अर्पित करती हैं और फिर पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत खोलती हैं। हालांकि, चंद्रोदय का समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

क्यों रखा जाता है निर्जला व्रत?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ का निर्जला व्रत पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से रखा जाता है। व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करने के बाद होती है। इसके बाद पूरे दिन अन्न और जल का सेवन नहीं किया जाता। शाम को महिलाएं करवा चौथ की पूजा करती हैं और करवा माता के साथ भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की आराधना करती हैं। रात में चंद्र दर्शन और अर्घ्य के बाद व्रत पूरा किया जाता है।

पूजा में करवे का क्या है महत्व?

करवा चौथ की पूजा में मिट्टी के करवे को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी पात्र में जल भरकर रखा जाता है और चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। पूजा के दौरान करवे को सजाने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा संपन्न होने के बाद करवे का दान ब्राह्मण या किसी योग्य महिला को किया जाता है। करवा चौथ के नाम में भी इसी करवे का विशेष महत्व माना जाता है।

किन देवी-देवताओं की होती है पूजा?

करवा चौथ की शाम महिलाएं एक साथ मिलकर पूजा करती हैं और करवा चौथ की कथा सुनती हैं। पूजा में भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की आराधना की जाती है। कई स्थानों पर करवा माता की पूजा और उनसे जुड़ी कथा सुनने की भी परंपरा है। पूजा के बाद महिलाएं चंद्रमा के उदय का इंतजार करती हैं। चंद्र दर्शन होने पर अर्घ्य दिया जाता है और पति के हाथों से पानी पीकर व्रत का पारण किया जाता है।

Tags:

Karwa Chauth 2026Religious News
Author

dolly singh

Follow Me
Other Articles
Previous

Festive Season में Online Fraud का खतरा! एक क्लिक से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, ऐसे बचें

Next

दिल्ली के सीमापुरी में बड़ा हादसा, ताश के पत्तों की तरह ढही चार मंजिला इमारत, मलबे में दबे 6 लोग

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2026 — Khabar Nest. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme