प्लेन में ले जा रहे हैं पावर बैंक? ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी, फौरन जानिए 5 जरूरी नियम
हवाई यात्रा के दौरान मोबाइल की बैटरी खत्म होने का डर हो तो पावर बैंक काफी काम आता है। लेकिन विमान में इसे ले जाने और इस्तेमाल करने से जुड़े कुछ नियम हैं, जिनकी अनदेखी परेशानी का कारण बन सकती है। हाल ही में दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से धुआं निकलने के बाद विमान को हैदराबाद डायवर्ट करना पड़ा। हालांकि, एयरलाइन ने यह पुष्टि नहीं की कि डिवाइस पावर बैंक ही था। इस घटना के बाद विमान में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे में फ्लाइट में पावर बैंक ले जाने से पहले इन जरूरी बातों को जानना आपके लिए फायदेमंद होगा।
लिथियम बैटरी में आग लगने का खतरा क्यों होता है?
पावर बैंक में आमतौर पर लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। बैटरी खराब होने, क्षतिग्रस्त होने या शॉर्ट सर्किट होने पर यह तेजी से गर्म हो सकती है। इस प्रक्रिया को थर्मल रनअवे कहा जाता है। ऐसी स्थिति में बैटरी से धुआं निकल सकता है और आग भी लग सकती है। विमान के भीतर इस तरह की घटना यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर हो सकती है। इसलिए पावर बैंक को साथ ले जाने के साथ-साथ उसके इस्तेमाल और रखरखाव से जुड़े नियमों का पालन करना भी जरूरी है।
1. चेक-इन बैग में न रखें पावर बैंक
फ्लाइट में सफर करते समय पावर बैंक को चेक-इन बैगेज में रखने से बचना चाहिए। इसे केबिन बैगेज में रखना जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर केबिन क्रू तुरंत कार्रवाई कर सके। इंडिगो के नियमों के अनुसार, पावर बैंक यात्री की पहुंच में होना चाहिए और इसे ओवरहेड केबिन में रखने की अनुमति नहीं है। अगर बोर्डिंग के दौरान आपके केबिन बैग को विमान के कार्गो हिस्से में भेजा जा रहा है, तो उसमें से पावर बैंक निकालना न भूलें।
2. फ्लाइट में पावर बैंक से फोन चार्ज करने से बचें
पावर बैंक साथ ले जाने की अनुमति होने का मतलब यह नहीं है कि उड़ान के दौरान उससे मोबाइल या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज भी किए जा सकते हैं। इंडिगो की बैगेज पॉलिसी के मुताबिक, विमान में पावर बैंक से अन्य डिवाइस चार्ज करने की अनुमति नहीं है। यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन के मौजूदा नियमों की जानकारी जरूर लें, क्योंकि सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
3. खराब या फूला हुआ पावर बैंक साथ न ले जाएं
अगर आपके पावर बैंक की बॉडी फूल गई है, उसमें दरार आ गई है या गिरने के कारण वह क्षतिग्रस्त हो गया है, तो उसे फ्लाइट में लेकर न जाएं। इस्तेमाल के दौरान उसका असामान्य रूप से गर्म होना, जलने जैसी गंध आना या अजीब आवाज निकलना भी बैटरी में खराबी के संकेत हो सकते हैं। ऐसे पावर बैंक को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है। हवाई यात्रा के लिए हमेशा अच्छी स्थिति वाले पावर बैंक का ही इस्तेमाल करें।
4. पावर बैंक की बैटरी क्षमता का रखें ध्यान
फ्लाइट में पावर बैंक ले जाने से पहले उसकी बैटरी क्षमता यानी वॉट-ऑवर (Wh) की जानकारी जरूर जांच लें। आमतौर पर 100 Wh तक की बैटरी को केबिन बैगेज में ले जाने की अनुमति होती है। वहीं, 100 से 160 Wh के बीच की क्षमता वाली बैटरी के लिए एयरलाइन की मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है। 160 Wh से अधिक क्षमता वाली बैटरी सामान्य यात्री विमानों में प्रतिबंधित होती है। हालांकि, इसकी अनुमति और शर्तें संबंधित एयरलाइन तथा लागू सुरक्षा नियमों के आधार पर अलग हो सकती हैं। इसलिए यात्रा से पहले एयरलाइन से इसकी पुष्टि करना बेहतर है।
5. डिवाइस गर्म होने या धुआं निकलने पर तुरंत दें जानकारी
अगर फ्लाइट के दौरान पावर बैंक, मोबाइल या लैपटॉप असामान्य रूप से गर्म होने लगे या उसमें से धुआं निकलने लगे, तो तुरंत केबिन क्रू को इसकी जानकारी दें। ऐसी स्थिति में खुद डिवाइस खोलने, जलती हुई बैटरी उठाने या सीट में फंसे फोन को निकालने के लिए सीट हिलाने की कोशिश न करें। इससे खतरा बढ़ सकता है। केबिन क्रू के निर्देशों का पालन करें, ताकि स्थिति को सुरक्षित तरीके से संभाला जा सके।