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भारत

संसद मार्च में पैलेट गन चली थी या नहीं? राहुल गांधी के दावों से गरमाया माहौल, जांच में जुटी CRPF

By dolly singh
July 24, 2026 2 Min Read
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नई दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को हुए संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी और सार्वजनिक बहस तेज हो गई है। प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के साथ-साथ पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। इस बीच सीआरपीएफ सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि इन दावों की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान वास्तव में पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।

RAF की भूमिका और जांच का दायरा

सूत्रों के मुताबिक, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), जो सीआरपीएफ का हिस्सा है, की तैनाती जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी। भीड़ नियंत्रण के लिए RAF के पास पैलेट गन उपलब्ध रहती है, लेकिन इस मामले में उसका इस्तेमाल हुआ या नहीं, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल संबंधित तथ्यों और घटनाक्रम की पड़ताल जारी है।

राहुल गांधी ने मीडिया के सामने किया दावा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मीडिया के सामने एक ऐसे व्यक्ति को भी पेश किया, जिसके बारे में दावा किया गया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान वह पैलेट गन से घायल हुआ था। राहुल गांधी ने इस घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए।

क्या होती है पैलेट गन?

पैलेट गन एक विशेष प्रकार की पंप-एक्शन गन होती है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से अनियंत्रित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। इसके कारतूसों में बड़ी संख्या में छोटे-छोटे धातु के छर्रे भरे होते हैं, जो फायरिंग के बाद तेज गति से अलग-अलग दिशाओं में फैल जाते हैं। सुरक्षा बल इसे भीड़ नियंत्रण के उपकरण के रूप में इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके इस्तेमाल को लेकर समय-समय पर गंभीर विवाद और मानवाधिकार संबंधी चिंताएं भी सामने आती रही हैं।

Tags:

CJP ProtestNeet Paper LeakRahul Gandhi
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