प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान के बाद संभालेंगे जिम्मेदारी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी का तत्काल पुनर्वितरण करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। सरकार के इस फैसले को मौजूदा छात्र आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक स्तर पर एक अहम कदम माना जा रहा है।
प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार
राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रह्लाद जोशी अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ अब शिक्षा मंत्रालय का भी कार्यभार संभालेंगे। जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अब उनके पास शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। सरकार का कहना है कि मंत्रालय के कामकाज में किसी तरह की रुकावट न आए, इसलिए यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बदला घटनाक्रम
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सरकार का पक्ष रखा। वार्ता के दौरान छात्रों की ओर से उठाई गई प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई और सरकार ने उन्हें स्वीकार करने पर सहमति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसले की जानकारी दी।
जंतर-मंतर का आंदोलन समाप्त
सरकार और सीजेपी के बीच सहमति बनने के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी गई। सीजेपी के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगें स्वीकार होने के बाद आंदोलन जारी रखने का कोई औचित्य नहीं रह गया है। संगठन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से शांतिपूर्वक अपने घर लौटने की अपील की, जबकि सरकार ने भी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आगे संवाद बनाए रखने का भरोसा दिलाया।