महिला पहलवान यौन शोषण केस में कोर्ट का बड़ा फैसला, बृजभूषण शरण सिंह सभी आरोपों से बरी
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के बहुचर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह और उनके सहयोगी विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। स्पेशल जज अश्विनी पंवार ने बंद कमरे में फैसला सुनाया। इससे पहले कोर्ट ने 10 मई 2024 को दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 354A के तहत आरोप तय किए थे, जिसके बाद इस मामले की सुनवाई आगे बढ़ी थी।
बरी होने के बाद क्या बोले बृजभूषण?
बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मैं अभी इस पर कुछ नहीं कहूंगा. कोर्ट ने तीन साल बाद मुझे बरी किया है. उस दिन मैंने कहा था कि ये एक साजिश है. जो कहा था वही सच साबित हुआ है. अपने आप को विश्वास था. सामने वाले का पता नहीं. लेकिन मैं जानता था. मैंने अपने आप को कभी अपराधी घोषित ही नहीं किया. जिनका हक मारा जा रहा था हम उनके लिए लड़ाई लड़ रहे थे. जिस लड़ाई को लड़के हम निकले हैं. अब वो खिलाड़ी अब दुनिया में परचम लहराएंगे.
महिला पहलवानों के आरोपों से शुरू हुआ था विवाद
यह मामला साल 2023 में खेल और राजनीति दोनों के केंद्र में आ गया था, जब कई महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर अपने कार्यकाल के दौरान यौन उत्पीड़न, पीछा करने, डराने-धमकाने और अनुचित व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के विरोध में देश के कई नामचीन पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक धरना दिया, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा और राजनीतिक बहस को जन्म दिया।
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद शुरू हुई थी कानूनी प्रक्रिया
मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी और जून 2023 में करीब 1500 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की। इसके बाद मई 2024 में ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हुई। अब लंबी न्यायिक सुनवाई के बाद अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को आरोपों से बरी कर दिया है, जिससे इस चर्चित मामले का कानूनी अध्याय फिलहाल समाप्त हो गया।