रांची में स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच CID का बड़ा एक्शन, JPSC के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते गिरफ्तार
झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते को सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। परीक्षाओं में कथित धांधली के आरोपों को लेकर जांच एजेंसी उनसे पहले चार बार पूछताछ कर चुकी थी। हर बार करीब आठ घंटे तक चली पूछताछ के बाद अब उनकी गिरफ्तारी हुई है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी केस दर्ज कर जांच शुरू कर चुका है।
विधानसभा मार्च के दौरान बैरिकेडिंग तोड़ी
रांची में JPSC-JSSC कैंडिडेट्स का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। सोमवार को छात्रों ने पुराने विधानसभा भवन से नए विधानसभा भवन तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुए इस मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड्स तोड़ दिए। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। विधानसभा भवन के करीब पहुंचने पर आखिरी बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश के दौरान पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज भी किया। हालांकि, अब तक किसी प्रदर्शनकारी या पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है।
छात्रों की दो टूक- सीबीआई जांच से कम कुछ मंजूर नहीं
प्रदर्शनकारी छात्र JSSC-CGL परीक्षा की स्वतंत्र और पूरी सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की मांग भी उठाई जा रही है। छात्रों का कहना है कि उन्हें राज्य सरकार की एजेंसी से होने वाली जांच पर भरोसा नहीं है और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए। छात्रों का यह भी आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को लेकर सही तस्वीर पेश नहीं कर रही है।
धांधली के आरोपों के बाद ख्यांगते ने दिया था इस्तीफा
एल ख्यांगते ने परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच JPSC चेयरमैन के पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद सीआईडी ने उनसे कई दौर की पूछताछ की और अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, ED की एंट्री के बाद इस पूरे मामले की जांच का दायरा भी बढ़ गया है। छात्रों का कहना है कि जब तक परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
17 दिन से सड़क पर छात्र
रांची में छात्रों का प्रदर्शन पिछले 17 दिनों से जारी है। खराब मौसम, प्रशासन की कार्रवाई और टेंट हटाए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। राज्य सरकार की ओर से छात्रों के प्रतिनिधियों से कई बार बातचीत की गई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। सरकार का दावा है कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं, जबकि प्रदर्शनकारी इसे खारिज करते हुए आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं। अब पूर्व JPSC चेयरमैन की गिरफ्तारी के बाद यह विवाद किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।