सावधान! एक क्लिक से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, फौरन कर लें ये काम, EPFO ने जारी की चेतावनी
डिजिटल तरीके से पीएफ खाते से जुड़ी सेवाओं का इस्तेमाल करना अब बेहद आसान हो गया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सदस्य घर बैठे अपना यूएएन, पीएफ बैलेंस, दावा और केवाईसी जैसी कई सेवाएं ऑनलाइन इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन ऑनलाइन सुविधा बढ़ने के साथ साइबर ठगी का खतरा भी बढ़ गया है। इसी को देखते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने सदस्यों को फर्जी वेबसाइट, संदिग्ध लिंक, संदेश, ईमेल और सोशल मीडिया के जरिए होने वाले धोखाधड़ी के प्रयासों से सतर्क रहने की सलाह दी है।
फर्जी लिंक के जरिए हो सकती है बड़ी ठगी
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने 9 अगस्त को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर सदस्यों को किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतने को कहा। साइबर ठग अक्सर ऐसी वेबसाइट तैयार करते हैं, जो देखने में सरकारी वेबसाइट जैसी लगती हैं। लोगों को संदेश भेजकर कभी यूएएन बंद होने, कभी केवाईसी अपडेट करने और कभी पीएफ दावा अटकने की बात कही जाती है। इसके बाद दिए गए लिंक पर निजी जानकारी भरने के लिए कहा जाता है। जानकारी मिलते ही ठग उसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं और कुछ मामलों में ओटीपी के जरिए बैंक खाते से पैसे निकालने का प्रयास भी कर सकते हैं।
पीएफ की सेवा के लिए आधिकारिक वेबसाइट ही खोलें
पीएफ खाते से जुड़ी किसी भी सेवा का इस्तेमाल करते समय सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि सदस्य आधिकारिक वेबसाइट खुद खोलें। किसी अनजान व्यक्ति, संदेश या सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए लिंक के जरिए वेबसाइट पर जाने से बचना चाहिए। अगर किसी संदेश में तुरंत कार्रवाई करने, खाता बंद होने या केवाईसी पूरी करने के नाम पर दबाव बनाया जा रहा है, तो पहले उसकी सत्यता जांचें। सरकारी संस्था का नाम या लोगो दिखाई देने मात्र से किसी वेबसाइट या संदेश को असली नहीं माना जा सकता।
वेबसाइट का पता जांचना भी बेहद जरूरी
साइबर ठग असली वेबसाइट के नाम में मामूली बदलाव करके लोगों को भ्रमित कर सकते हैं। नकली वेबसाइट में किसी अक्षर की वर्तनी बदलना, अतिरिक्त शब्द जोड़ना या अलग डोमेन का इस्तेमाल करना आम तरीका है। इसलिए लॉगिन या कोई जानकारी दर्ज करने से पहले वेबसाइट के पते को ध्यान से जांचना जरूरी है। अगर वेबसाइट का पता संदिग्ध या असामान्य नजर आए, तो वहां यूएएन, आधार, पैन या बैंक खाते से जुड़ी कोई जानकारी दर्ज नहीं करनी चाहिए।
यूएएन और ओटीपी जैसी जानकारी बिल्कुल न दें
यूएएन, आधार, पैन, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड और ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध वेबसाइट के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। अगर कोई व्यक्ति फोन करके खुद को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन का अधिकारी बताता है और लॉगिन विवरण या ओटीपी मांगता है, तो सावधान हो जाएं। ओटीपी साझा करने से बैंक खाते और दूसरी वित्तीय सेवाओं से जुड़ा जोखिम बढ़ सकता है। इसी तरह बैंकिंग पासवर्ड, एटीएम पिन और अन्य वित्तीय जानकारी भी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
संदेश और ईमेल में आए लिंक से रहें सावधान
एसएमएस, व्हाट्सऐप, ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए मिलने वाले अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। अगर पीएफ से जुड़ी कोई सेवा इस्तेमाल करनी है, तो संदेश में दिए लिंक पर जाने के बजाय आधिकारिक वेबसाइट का पता अपने ब्राउजर में खुद दर्ज करके उसे खोलना बेहतर है। इससे फर्जी वेबसाइट पर पहुंचने और वहां अपनी जानकारी दर्ज करने का खतरा काफी कम किया जा सकता है।
संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें
अगर किसी सदस्य को कोई संदिग्ध वेबसाइट, संदेश या ठगी का प्रयास दिखाई देता है, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय संबंधित आधिकारिक माध्यम से इसकी जानकारी देनी चाहिए। अगर गलती से किसी फर्जी वेबसाइट पर संवेदनशील जानकारी दर्ज हो गई है, तो बिना देरी किए संबंधित बैंक या वित्तीय संस्थान से संपर्क करना जरूरी है। समय रहते उठाया गया कदम संभावित वित्तीय नुकसान को कम करने में मदद कर सकता है।
EPFO के नाम पर कॉल आए तो रहें सतर्क
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के नाम पर अगर कोई व्यक्ति फोन, संदेश, व्हाट्सऐप, ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए ओटीपी, पासवर्ड या लॉगिन विवरण मांगता है, तो उस पर भरोसा न करें। साइबर ठग सरकारी संस्थाओं का नाम, लोगो और आधिकारिक भाषा का इस्तेमाल करके लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं। इसलिए पीएफ से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करते समय सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि में अपनी निजी या वित्तीय जानकारी साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।