मदरसों के नाम पर चंदा और पाक कनेक्शन! हापुड़ में ATS का बड़ा एक्शन, जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध अरेस्ट
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में आतंकवाद से जुड़े एक संदिग्ध नेटवर्क की जांच के दौरान यूपी ATS ने 24 वर्षीय मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार, जफर बिहार के पूर्णिया का रहने वाला है और उस पर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों के संपर्क में रहने का आरोप है। ATS ने उसे 16 अगस्त को बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र से पकड़ा। जांच एजेंसी अब आरोपी की गतिविधियों, संपर्कों और कथित नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।
जेहादी सामग्री से प्रभावित होने का दावा
ATS के मुताबिक, मोहम्मद जफर कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक जेहादी समूह के संपर्क में आया था। एजेंसी का दावा है कि वह मसूद अजहर के भाषणों और कुछ जेहादी तकरीरों से प्रभावित हुआ, जिसके बाद उसकी मुलाकात कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोगों से हुई। जांच में उसके डिजिटल संपर्कों और ऑनलाइन गतिविधियों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच और कानूनी प्रक्रिया के स्तर पर होनी बाकी है।
सोशल मीडिया और WhatsApp ग्रुप भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसी का आरोप है कि जफर सोशल मीडिया के जरिए जिहाद और खिलाफत से संबंधित संदेश साझा करता था। ATS के अनुसार, वह कुछ पाकिस्तानी जिहादी WhatsApp ग्रुपों से भी जुड़ा हुआ था और इन्हीं माध्यमों के जरिए कथित तौर पर पाकिस्तान में मौजूद हैंडलर्स के संपर्क में आया। एजेंसी अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स, डिजिटल गतिविधियों और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी खंगाल रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।
मदरसों के नाम पर चंदा जुटाने का आरोप
ATS ने जफर पर मदरसों के नाम पर चंदा एकत्र कर कथित तौर पर उस रकम को पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क तक पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। एजेंसी के मुताबिक, कुछ संदिग्ध लोगों और बिजनेस अकाउंट्स के जरिए UPI से कई वित्तीय लेन-देन किए गए। अब इन ट्रांजैक्शन का स्रोत और गंतव्य खंगाला जा रहा है। जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि इन पैसों का इस्तेमाल किस मकसद से किया जाना था और इसमें कोई अन्य व्यक्ति या संगठन शामिल था या नहीं।
UAPA समेत कई धाराओं में मामला दर्ज
यूपी ATS ने मोहम्मद जफर को बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र की शेरपुर कुरेशियान मस्जिद से गिरफ्तार किया। एजेंसी के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी से उसके कथित आतंकी संपर्कों और वित्तीय गतिविधियों को लेकर जानकारी ली गई। उसके खिलाफ BNS की धारा 152(1)(2) और UAPA की धारा 18/38 के तहत केस दर्ज किया गया है। अब ATS उसके कथित आतंकी संगठन से संबंध, फंडिंग नेटवर्क, सोशल मीडिया गतिविधियों और पाकिस्तान स्थित संपर्कों की गहन जांच कर रही है।