हजारों करोड़ खर्च, फिर भी नहीं मिली रफ्तार… अदालतों में इंसाफ का इंतजार क्यों नहीं हो रहा खत्म?
देश की न्याय व्यवस्था को तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए पिछले डेढ़ दशक में हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन अदालतों में लंबित मामलों का पहाड़ अब भी जस का तस खड़ा है. सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाई कोर्ट और निचली अदालतों तक करोड़ों लोग वर्षों…