संसद के पास पहुंचे CJP के प्रदर्शनकारी, आंसू गैस के गोले छोड़े गए, राजधानी में हाई अलर्ट!
CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च ने सोमवार को राजधानी दिल्ली का सियासी माहौल गरमा दिया। प्रदर्शनकारी संसद भवन के नजदीक पहुंचते ही सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। संसद भवन के मुख्य प्रवेश द्वार को एहतियातन बंद कर दिया गया, जबकि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी रेल भवन और प्रेस क्लब के आसपास धरने पर बैठ गए, जिससे पूरे इलाके में हाई अलर्ट की स्थिति बन गई। संसद के मानसून सत्र के बीच हुए इस प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।
सरकार और CJP के बीच शुरू हुई बातचीत
प्रदर्शन के बीच एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम भी सामने आया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच मौजूदा हालात पर चर्चा हुई। इसी दौरान सरकार ने भी CJP नेतृत्व से बातचीत की पहल की। सूत्रों के मुताबिक, CJP की ओर से आशुतोष रांका और सौरव दास केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करने पहुंचे। पार्टी का दावा है कि सरकार ने सुबह ही बातचीत के लिए संपर्क किया था, जिससे टकराव के बीच समाधान की कोशिशें भी तेज होती दिखाई दीं।
कई राजनीतिक चेहरे भी पहुंचे
इससे पहले जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। संसद मार्च और मानसून सत्र को देखते हुए राजधानी में पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और संजय सिंह, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर समेत कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां शामिल हुईं।
CJP के प्रदर्शन ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
CJP ने पहले ही 20 जुलाई को संसद तक मार्च का ऐलान किया था और उसी रणनीति के तहत प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस आंदोलन में अभिनेता प्रकाश राज और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि सहित कई चर्चित चेहरे भी शामिल हुए। एक ओर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकार बातचीत के जरिए गतिरोध खत्म करने का प्रयास कर रही है। अब सभी की निगाहें सरकार और CJP के बीच होने वाली अगली वार्ता और उसके संभावित नतीजों पर टिकी हैं।