Manipur Violence: मणिपुर में फिर खूनी खेल, उग्रवादी हमले में दो महिलाओं समेत 4 की मौत
मणिपुर में हिंसा का सिलसिला एक बार फिर चिंता बढ़ा रहा है। राज्य के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में रविवार, 13 सितंबर को दो अलग-अलग संदिग्ध उग्रवादी हमले सामने आए। इन घटनाओं में दो महिलाओं समेत कम से कम चार लोगों की जान चली गई। दोनों वारदातों के बीच करीब 12 घंटे का अंतर बताया जा रहा है, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
तामेंगलोंग में घर पर हमला, महिला की मौत
पहली घटना तामेंगलोंग जिले के टोल्लेन कुकी गांव में तड़के करीब 4 बजे हुई। पुलिस के मुताबिक, नेशनल हाईवे-37 के पास स्थित गांव में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक घर को निशाना बनाया। हमले में लिंगनगाई सिंगसिट की मौत हो गई, जबकि उनके पति सेइनैह सिंगसिट और नवजात बेटा घायल हो गए। सुरक्षा बलों के मौके पर पहुंचने के बाद घायलों को मदद दी गई, लेकिन गंभीर रूप से घायल सेइनैह ने अस्पताल ले जाते समय असम के सिलचर के रास्ते में दम तोड़ दिया।
हथियारबंद हमलावरों ने दो लोगों को मारी गोली
दूसरी वारदात नोनी जिले के नोंगबा थाना क्षेत्र के लॉन्गपी गांव में दोपहर करीब 3:30 बजे हुई। पुलिस के अनुसार, हथियारबंद संदिग्ध उग्रवादियों ने एक महिला और एक पुरुष को गोली मार दी। हमले में जूली गंगटे और आर. गंगटे की मौत हो गई। लगातार सामने आई इन दोनों घटनाओं ने मणिपुर में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
दोहरे हमले से बढ़ी चिंता, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां दोनों घटनाओं की जांच कर रही हैं और हमलों के पीछे कौन लोग थे, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। एक ही दिन में अलग-अलग जिलों में हुई हिंसक वारदातों ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में इस तरह के हमलों से स्थानीय लोगों के बीच भय का माहौल बनने की आशंका है।
CM खेमचंद ने कहा- निर्दोषों पर हिंसा कायरता
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने दोनों घटनाओं पर दुख जताते हुए नागरिकों की हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों के खिलाफ हिंसा कायरता है और ऐसी घिनौनी हरकतों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समाज में इस तरह की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।