6 राज्यों में बदले राज्यपाल, राष्ट्रपति ने की नई नियुक्तियां; ओम प्रकाश माथुर समेत इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी
देश के छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक, उत्तराखंड और सिक्किम के लिए नए राज्यपालों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। इस फेरबदल में कुछ राज्यों में मौजूदा राज्यपालों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं, जबकि अन्य राज्यों को नए राज्यपाल मिले हैं। राष्ट्रपति भवन की ओर से 12 अक्टूबर को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, सभी नियुक्तियां संबंधित राज्यपालों के पदभार संभालने की तारीख से प्रभावी होंगी।
ओम प्रकाश माथुर को केरल, राजेंद्र आर्लेकर को तमिलनाडु की कमान
राज्यपालों की नई नियुक्तियों में सबसे अहम बदलाव केरल और तमिलनाडु में देखने को मिला है। सिक्किम के राज्यपाल रहे ओम प्रकाश माथुर को अब केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, केरल के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाल रहे राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का पूर्णकालिक राज्यपाल बनाया गया है। आर्लेकर मार्च 2026 से तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उन्हें इस पद की नियमित जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
इन चार राज्यों को भी मिले नए राज्यपाल
राष्ट्रपति की ओर से जारी सूची में चार अन्य राज्यों के लिए भी नई नियुक्तियों का ऐलान किया गया है। ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल बनाया गया है, जबकि डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह डॉ. ढाल सिंह बिसेन उत्तराखंड के नए राज्यपाल होंगे और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों के साथ ही छह राज्यों के राजभवनों में नेतृत्व से जुड़ा बदलाव होगा।
कौन हैं ओम प्रकाश माथुर और राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर?
ओम प्रकाश माथुर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं। वह राजस्थान से राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं और पार्टी संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। जुलाई 2024 में उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। अब उन्हें केरल भेजा गया है। दूसरी ओर, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर गोवा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वह बिहार और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। जनवरी 2025 में उन्होंने केरल के राज्यपाल का पद संभाला था। अब उन्हें तमिलनाडु की जिम्मेदारी दी गई है।
सुधा यादव से लेकर दुष्यंत गौतम तक, जानिए नए राज्यपालों के बारे में
डॉ. सुधा यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ से पूर्व सांसद रह चुकी हैं। वह राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य भी रही हैं और भाजपा के संसदीय बोर्ड में भी शामिल रह चुकी हैं। कर्नाटक में वह थावरचंद गहलोत की जगह लेंगी। वहीं, डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद हैं। उन्हें उत्तराखंड का राज्यपाल बनाया गया है। ब्रज मोहन राम झारखंड से जुड़े वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हैं, जिन्हें ओडिशा की जिम्मेदारी मिली है। दुष्यंत गौतम भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। अब वह सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नई भूमिका निभाएंगे।
राजनीतिक नजरिए से क्यों अहम हैं ये नियुक्तियां?
छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति को प्रशासनिक बदलाव के साथ-साथ राजनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में राज्यपाल की भूमिका सरकार और राजभवन के बीच संवैधानिक संबंधों के लिहाज से अहम रहती है। हालांकि, इन नियुक्तियों के पीछे सरकार की आधिकारिक वजहों को लेकर अलग से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। फिलहाल राष्ट्रपति भवन की अधिसूचना के अनुसार, सभी नए राज्यपाल संबंधित पदों का कार्यभार संभालने के बाद अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे।