Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Khabar Nest Khabar Nest
Khabar Nest Khabar Nest
  • Home
  • अजब-गजब
  • एजुकेशन
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
  • Home
  • अजब-गजब
  • एजुकेशन
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
Subscribe
Close

Search

भारत

SIR पर लड़ाई, सुप्रीम कोर्ट तक आई… विपक्ष ने खोला मोर्चा, देश की सियासत गरमाई

By dolly singh
October 13, 2026 4 Min Read
0

देश में मतदाता सूची को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं ने चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए संयुक्त याचिका दायर की है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने और फैसले लेने के तरीके में अनियमितताओं की आशंका है। सोमवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली में विरोध मार्च निकालने के बाद विपक्षी नेताओं ने इस मामले में कानूनी लड़ाई का रास्ता अपनाया। हालांकि, याचिका में कुछ तकनीकी और दस्तावेजी कमियां सामने आने के कारण इस पर सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने से पहले उन्हें दूर करना होगा।

राहुल गांधी समेत 11 विपक्षी नेताओं ने उठाए सवाल

राहुल गांधी के साथ याचिका दायर करने वाले नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत, CPI(M) के एमए बेबी, CPI के महासचिव डी. राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माझी, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले और IUML के सांसद ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं। याचिका में भारतीय निर्वाचन आयोग के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को भी प्रतिवादी बनाया गया है।

SIR प्रक्रिया पर सवाल, चुनाव आयोग के रिकॉर्ड की मांग

विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों की जांच करने की मांग की है। याचिका में 24 जून 2025 को SIR शुरू करने के फैसले से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इसमें आयोग की बैठकों के एजेंडे, कार्यवाही के विवरण, अधिकारियों की टिप्पणियों और फैसलों से जुड़े अन्य दस्तावेजों को सामने लाने की मांग भी शामिल है। विपक्ष चाहता है कि अदालत यह जांच करे कि SIR से जुड़े फैसले संवैधानिक प्रावधानों और चुनाव आयोग को नियंत्रित करने वाले कानूनों के अनुरूप लिए गए हैं या नहीं।

मतदाता सूची से नाम हटाने की स्वतंत्र जांच की मांग

याचिका में मतदाता सूची से हटाए गए नामों को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि हटाए गए मतदाताओं की जानकारी बूथ के हिसाब से सार्वजनिक की जाए और नाम हटाने के कारणों का भी खुलासा हो। इसके अलावा, मतदाता सूची से संबंधित डिजिटल डेटाबेस, खासकर ECINET और ERONET, का स्वतंत्र ऑडिट कराने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि अदालत का अंतिम फैसला आने तक SIR की प्रक्रिया को रोकने पर विचार किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, पुलिस बैरिकेडिंग के कारण रोके गए नेता

याचिका दायर करने से पहले INDIA गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली में ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ निकाला। इस मार्च में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े, लेकिन दिल्ली पुलिस ने भगवान दास रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद नेताओं ने विरोध जारी रखा। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।

CJI से मुलाकात की मांग ठुकराए जाने के बाद बढ़ा विवाद

इससे पहले INDIA गठबंधन के नेताओं ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था। वे SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखना चाहते थे। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने मुलाकात की मांग स्वीकार नहीं की। उन्होंने संकेत दिया कि अदालत में पहले से विचाराधीन मामले पर इस तरह की बैठक करना उचित नहीं होगा और नेताओं को कानूनी प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का फैसला किया। इस घटनाक्रम के बाद चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की राजनीतिक और कानूनी मुहिम तेज होती दिखाई दे रही है।

याचिका में मिलीं 14 कमियां

राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की याचिका में सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने 14 कमियां दर्ज की हैं। इनमें कुछ प्रतिवादियों के विवरण से संबंधित आपत्तियां, पहले के एक फैसले की प्रति संलग्न नहीं होना और नौ याचिकाकर्ताओं के वकालतनामे का अभाव शामिल है। इसके अलावा, मल्लिकार्जुन खरगे के पहचान पत्र की कॉपी स्पष्ट नहीं होने, कोर्ट फीस में 220 रुपये की कमी और कुछ दस्तावेजों के अस्पष्ट होने जैसी समस्याएं भी बताई गई हैं। इन कमियों को दूर किए जाने के बाद ही याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष की मांगों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कब होती है और अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है।

Tags:

Gyanesh KumarRahul GandhiSupreme Court
Author

dolly singh

Follow Me
Other Articles
Previous

Gold-Silver Price: अचानक सस्ता हुआ सोना, चांदी के दाम भी फिसले; आखिर क्यों बदले भाव?

Next

6 राज्यों में बदले राज्यपाल, राष्ट्रपति ने की नई नियुक्तियां; ओम प्रकाश माथुर समेत इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2026 — Khabar Nest. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme