बंगाल से जैश का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार! शुभेंदु अधिकारी की रेकी का एंगल, जांच में बड़े खुलासे के संकेत
पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान जिले से एक संदिग्ध व्यक्ति की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने एक ऐसे शख्स को हिरासत में लिया है, जिस पर पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का संदेह है। शुरुआती जांच में उसके पास से मिले मोबाइल फोन और दस्तावेजों ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या वह किसी बड़े आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था और उसकी गतिविधियों का वास्तविक उद्देश्य क्या था।
कई महीनों से किराए के मकान में छिपकर रह रहा था आरोपी
एसटीएफ ने गुरुवार देर रात बर्दवान कस्बे के एक आवासीय परिसर से हामिद मंडल को गिरफ्तार किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक वह पिछले दो से तीन महीनों से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए इस फ्लैट में रह रहा था। हालांकि आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि वह अपने परिवार के साथ करीब डेढ़ साल से उसी मकान में किराए पर रह रहा था। फिलहाल जांच एजेंसियां उसके रहने, आने-जाने और संपर्कों से जुड़ी हर जानकारी जुटा रही हैं ताकि उसके नेटवर्क का पूरा पता लगाया जा सके।
मोबाइल और दस्तावेजों से मिले अहम सुराग
जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों से कुछ ऐसी जानकारियां सामने आई हैं, जिन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ा दी है। पुलिस का दावा है कि बरामद सामग्री से संकेत मिलता है कि वह पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से जुड़ी जानकारी इकट्ठा कर रहा था। हालांकि अभी तक किसी संभावित हमले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वह किसी साजिश को अंजाम देने की तैयारी में था या केवल सूचनाएं जुटा रहा था।
पुलवामा हमले के आरोपी से संबंध होने का संदेह
पुलिस को आशंका है कि हामिद मंडल का संबंध पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से हो सकता है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह सज्जाद भट का करीबी सहयोगी माना जाता है, जिसे वर्ष 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में गिना जाता है। इसी वजह से जांच एजेंसियां उसके पुराने संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन की भी गहन पड़ताल कर रही हैं। आरोपी को शुक्रवार को बर्दवान की अदालत में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलवामा हमले की याद फिर हुई ताजा
14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी कार सीआरपीएफ के जवानों की बस से टकरा दी थी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीति और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया था। अब उसी आतंकी नेटवर्क से संभावित संबंधों के संदेह ने इस गिरफ्तारी को और अधिक गंभीर बना दिया है।
गिरफ्तारी के बाद सियासत भी हुई तेज
इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार ने आरोप लगाया कि वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस के लंबे शासनकाल के दौरान पश्चिम बंगाल कट्टरपंथी संगठनों के लिए सुरक्षित गलियारा बन गया था। उन्होंने दावा किया कि राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के कारण अब ऐसे समूह पहले जैसी सुरक्षित पनाह नहीं पा रहे हैं और इसी वजह से वे उन नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं, जिन्होंने चरमपंथ के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। हालांकि इन राजनीतिक आरोपों पर आधिकारिक स्तर पर कोई पुष्टि नहीं की गई है।