Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Khabar Nest Khabar Nest
Khabar Nest Khabar Nest
  • Home
  • अजब-गजब
  • एजुकेशन
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
  • Home
  • अजब-गजब
  • एजुकेशन
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
Subscribe
Close

Search

भारत

IB ऑफिसर अंकित शर्मा हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों को उम्रकैद

By dolly singh
July 31, 2026 2 Min Read
0

साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक, आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए इस अपराध को बेहद गंभीर और समाज को झकझोर देने वाला बताया। सजा सुनाते समय अदालत ने स्पष्ट कहा कि जिस बर्बरता के साथ हत्या को अंजाम दिया गया और उसके बाद शव के साथ जो व्यवहार किया गया, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य है।

अदालत ने हत्या की क्रूरता पर जताई कड़ी टिप्पणी

सजा सुनाने से पहले अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पीड़ित के साथ की गई हिंसा सामान्य हत्या का मामला नहीं थी, बल्कि अपराध को अत्यंत निर्मम तरीके से अंजाम दिया गया। कोर्ट के अनुसार, अंकित शर्मा की हत्या के बाद उनके शव को घसीटकर चांद बाग इलाके तक ले जाया गया और नाले में फेंक दिया गया।

कोर्ट ने सुनाया उम्रकैद का फैसला

दिल्ली पुलिस और अंकित शर्मा के परिवार ने अदालत से सभी दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की थी। पुलिस ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी का बताते हुए कहा था कि अंकित शर्मा के शरीर पर कुल 51 चोटों के निशान मिले थे, जिनमें सात घाव जानलेवा थे और 16 घाव धारदार हथियार से किए गए थे। जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि मौत के बाद भी शव के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। हालांकि, इन सभी दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाने का फैसला किया।

बचाव पक्ष ने मौत की सजा का किया था विरोध

इस मामले में 13 जुलाई 2026 को ताहिर हुसैन, नजीम, कासिम, अनस और जावेद को दोषी ठहराया गया था। सुनवाई के दौरान ताहिर हुसैन के वकील ने दिल्ली पुलिस की मौत की सजा की मांग का विरोध करते हुए अदालत में कहा था कि उनके मुवक्किल ने स्वयं पुलिस को फोन किया था और केवल शरीर पर मौजूद घावों की संख्या के आधार पर किसी आरोपी को मृत्युदंड देना उचित नहीं माना जा सकता।

Tags:

Delhi News
Author

dolly singh

Follow Me
Other Articles
Previous

BPSC TRE 4.0: बिहार में 32,388 शिक्षकों की बंपर भर्ती, किस कक्षा और विषय में सबसे ज्यादा वैकेंसी?

Next

असम में बाढ़ का कहर, अब तक 80 लोगों की मौत, सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2026 — Khabar Nest. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme