Datia By-Election Result: दतिया उपचुनाव में BJP को बड़ा झटका, कांग्रेस के घनश्याम सिंह की बंपर जीत
Datia By-Election Result 2026: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का फैसला कांग्रेस के पक्ष में गया है। मतगणना पूरी होने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,025 वोटों के अंतर से हराकर सीट अपने नाम कर ली। इस नतीजे ने न केवल कांग्रेस को बड़ी राजनीतिक बढ़त दिलाई है, बल्कि भाजपा के लिए भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह रही कि विधानसभा सीट पर मुकाबला पूरी तरह कांग्रेस और भाजपा के बीच केंद्रित रहा, जिसमें मतदाताओं ने एक बार फिर कांग्रेस पर भरोसा जताया।
मतगणना में कांग्रेस उम्मीदवार को मिली निर्णायक बढ़त
30 जुलाई को हुए मतदान के बाद सोमवार को घोषित परिणाम में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह को कुल 66,726 वोट मिले, जबकि भाजपा के आशुतोष तिवारी 60,701 वोट हासिल कर सके। दोनों उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अंतिम दौर तक कांग्रेस ने अपनी बढ़त बनाए रखी और 6,025 वोटों से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ कांग्रेस ने दतिया सीट पर अपना राजनीतिक वर्चस्व बरकरार रखा, जबकि भाजपा को लगातार दूसरी बार यहां निराशा हाथ लगी।
टिकट बदलने का फैसला भाजपा पर पड़ा भारी
दतिया उपचुनाव में भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाकर बड़ा राजनीतिक दांव खेला था। हालांकि, चुनाव से ठीक पहले नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने से उनके समर्थकों में नाराजगी की खबरें लगातार सामने आती रहीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन के भीतर असंतोष और कार्यकर्ताओं की नाराजगी का असर मतदान पर भी दिखाई दिया। इससे पहले 2023 के विधानसभा चुनाव में भी नरोत्तम मिश्रा इसी सीट से हार चुके थे, जिसके बाद भाजपा इस बार वापसी की उम्मीद कर रही थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी।
दतिया में क्यों हुआ उपचुनाव?
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए कराना पड़ा क्योंकि 2023 में कांग्रेस के टिकट पर जीतने वाले राजेंद्र भारती की विधायकी एक पुराने मामले में सजा मिलने के बाद समाप्त हो गई थी। सीट खाली होने पर निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव कराया। कांग्रेस ने इस बार घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा और उन्होंने पार्टी का भरोसा कायम रखते हुए सीट दोबारा कांग्रेस की झोली में डाल दी। इस नतीजे ने साफ कर दिया कि दतिया में कांग्रेस का जनाधार अभी भी मजबूत बना हुआ है, जबकि भाजपा को संगठन और उम्मीदवार चयन दोनों स्तरों पर आत्ममंथन करने की जरूरत होगी।