ICC का बड़ा एक्शन, भारतीय मूल के क्रिकेटर पर लगाया 8 साल का बैन, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान!
क्रिकेट में ईमानदारी और निष्पक्षता को सबसे बड़ा आधार माना जाता है, लेकिन जब कोई खिलाड़ी इसी भरोसे को तोड़ता है तो उसका अंजाम भी बेहद सख्त होता है। ऐसा ही एक बड़ा फैसला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने अमेरिका के क्रिकेटर अखिलेश रेड्डी के मामले में सुनाया है। आईसीसी की भ्रष्टाचार-रोधी ट्रिब्यूनल ने उन्हें मैच फिक्सिंग से जुड़े गंभीर आरोपों में दोषी करार देते हुए आठ साल के लिए सभी तरह की क्रिकेट गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया है। यह कार्रवाई 2025 में आयोजित अबू धाबी टी10 लीग के दौरान सामने आए भ्रष्टाचार के मामले से जुड़ी है, जिसने एक बार फिर क्रिकेट की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ICC ने सुनाया बड़ा फैसला
आईसीसी की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अखिलेश रेड्डी को आईसीसी एंटी-करप्शन कोड के तीन अलग-अलग प्रावधानों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। मामले की सुनवाई आईसीसी एंटी-करप्शन ट्रिब्यूनल में हुई, जहां उपलब्ध सबूतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला सुनाया गया। यह प्रतिबंध 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा, क्योंकि इसी दिन से अखिलेश रेड्डी को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। अब अगले आठ वर्षों तक वह किसी भी स्तर पर क्रिकेट से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
अबू धाबी टी10 लीग से जुड़ा है पूरा मामला
यह मामला संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित 2025 अबू धाबी टी10 लीग से जुड़ा हुआ है। इस टूर्नामेंट के लिए एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने आईसीसी को ‘डेजिग्नेटेड एंटी-करप्शन ऑफिशियल’ (DACO) नियुक्त किया था, ताकि प्रतियोगिता के दौरान किसी भी तरह की भ्रष्ट गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर ट्रिब्यूनल ने माना कि अखिलेश रेड्डी ने मैचों को प्रभावित करने और जांच में सहयोग न करने जैसी गंभीर अनियमितताओं को अंजाम दिया।
किन नियमों के उल्लंघन में दोषी पाए गए?
आईसीसी ने अखिलेश रेड्डी को एंटी-करप्शन कोड के आर्टिकल 2.1.1, 2.1.4 और 2.4.7 के उल्लंघन का दोषी ठहराया। आर्टिकल 2.1.1 के तहत उन पर आरोप है कि उन्होंने 2025 अबू धाबी टी10 लीग के मैचों के नतीजे, प्रगति या किसी अन्य पहलू को फिक्स करने अथवा गलत तरीके से प्रभावित करने की कोशिश की और इस संबंध में समझौते या प्रयास का हिस्सा बने।
आर्टिकल 2.1.4 के तहत यह पाया गया कि उन्होंने किसी अन्य प्रतिभागी को भी मैच फिक्सिंग या मैच को प्रभावित करने के लिए प्रेरित करने, उकसाने, सहायता देने या ऐसा करने का प्रयास किया। वहीं आर्टिकल 2.4.7 के तहत जांच में बाधा डालने का आरोप साबित हुआ। जांच एजेंसी DACO के अनुसार, अखिलेश रेड्डी ने अपने मोबाइल डिवाइस से जरूरी डेटा और संदेश डिलीट कर दिए, जो जांच के लिए महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकते थे।
जांच में सहयोग नहीं करना पड़ा भारी
आईसीसी के भ्रष्टाचार-रोधी नियम खिलाड़ियों से पूरी पारदर्शिता और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग की अपेक्षा करते हैं। लेकिन इस मामले में ट्रिब्यूनल ने माना कि अखिलेश रेड्डी ने डिजिटल सबूत मिटाकर जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की। यही कारण रहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप और भी गंभीर माने गए और उन्हें लंबी अवधि का प्रतिबंध झेलना पड़ा।
बेहद छोटा रहा क्रिकेट करियर
अगर अखिलेश रेड्डी के क्रिकेट करियर की बात करें तो उनका अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड काफी सीमित रहा। उन्होंने अब तक केवल चार टी20 मुकाबले खेले, जिनमें गेंदबाजी करते हुए सिर्फ एक विकेट हासिल किया। बल्लेबाजी का उन्हें किसी भी मुकाबले में मौका नहीं मिला। वर्ष 2025 की अबू धाबी टी10 लीग में वह एस्पिन स्टैलियन्स टीम का हिस्सा थे। हालांकि अब मैच फिक्सिंग के इस मामले में दोषी पाए जाने के बाद उनका क्रिकेट करियर लगभग ठहर सा गया है।