रांची में JPSC-JSSC छात्रों का विधानसभा घेराव आज, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात
झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार को छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा घेराव को लेकर माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने विधानसभा मार्च का ऐलान किया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शहर के संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है, करीब 1500 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है और ड्रोन के जरिए पूरे इलाके पर नजर रखी जाएगी। विधानसभा भवन के आसपास 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा भी लागू है।
रांची में स्कूलों के समय में भी बदलाव
छात्रों के मार्च को देखते हुए रांची के अधिकांश स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, जबकि कई स्कूलों को सोमवार को बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि विधानसभा घेराव के दौरान शहर में यातायात और आम लोगों की आवाजाही पर कम से कम असर पड़े। पुलिस ने प्रमुख स्थानों पर अवरोधक लगाए हैं और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की अपील की गई है।
आठ दिन से अनशन पर देवेंद्र नाथ महतो
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो पिछले आठ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने छात्रों से विधानसभा घेराव को सफल बनाने के लिए बड़ी संख्या में रांची पहुंचने की अपील की है। महतो का कहना है कि अनशन के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा है और वजन कम होने के साथ शुगर भी बढ़ी है, लेकिन भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं का मुद्दा उनके लिए इससे भी बड़ा है। रात करीब तीन बजे मेडिकल टीम के साथ सिटी एसपी, सदर एसडीओ, सदर सीओ और एडीएम रांची भी मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।
चादर कफन में बदल जाए, अनशन नहीं तोड़ेंगे’
देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी मांगों के समाधान के बिना भूख हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि चाहे उनकी चादर कफन में क्यों न बदल जाए, वह अनशन नहीं तोड़ेंगे। हालांकि सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत को उन्होंने सकारात्मक बताया। सरकार की हाईलेवल कमिटी में शामिल चार मंत्रियों ने वीडियो कॉल के जरिए महतो से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनसे भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया। इसके बावजूद महतो ने कहा कि सोमवार का विधानसभा घेराव अपने तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा।
दूसरे राज्यों से भी रांची पहुंचे छात्र-अभिभावक
JPSC-JSSC न्याय मंच की ओर से दावा किया गया है कि आंदोलन को देश के अलग-अलग हिस्सों से समर्थन मिल रहा है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से भी छात्र और अभिभावक रांची पहुंचे हैं। अभिनेता पीयूष मिश्रा द्वारा देवेंद्र नाथ महतो से मुलाकात कर आंदोलन को समर्थन देने की बात भी सामने आई है। आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ पिछले 16 दिनों से जारी है और इस दौरान छह छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
बीजेपी ने लगाया नजरबंदी का आरोप
विधानसभा घेराव से पहले राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी नेता अमर बाउरी ने आरोप लगाया है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को नजरबंद कर दिया गया है। बीजेपी के प्रदेश महासचिव बाउरी ने कहा कि आदित्य साहू के आवास के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती करके सरकार आंदोलन को रोकने में सफल नहीं हो पाएगी। दूसरी ओर पुलिस प्रशासन का कहना है कि विधानसभा के पास प्रस्तावित धरने और प्रदर्शन को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
पुलिस ने उपद्रवियों से किया दूर रहने का आग्रह
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुख्यालय मनोज कौशिक ने छात्रों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से ज्यादा समय से जारी प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अनुशासन बनाए रखा है और प्रशासन चाहता है कि आगे भी यही स्थिति बनी रहे। पुलिस की चिंता इस बात को लेकर है कि कोई असामाजिक तत्व आंदोलन की आड़ में हिंसा या उपद्रव न करे। रांची एसएसपी राकेश रंजन ने भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और किसी अप्रिय घटना के कारण किसी छात्र के करियर पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा, प्रशासन अलर्ट
रांची जिला प्रशासन ने विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में 6 अगस्त से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू की है। यह आदेश रोज सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा। प्रस्तावित मार्च को देखते हुए जमशेदपुर में भी रविवार आधी रात से इसी तरह की निषेधाज्ञा लागू की गई है। प्रशासन ने छात्रों से उग्र प्रदर्शन, हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियों से बचने की अपील की है। वहीं आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों से रांची आ रहे छात्रों को पुलिस बलपूर्वक रोक रही है। अब सभी की नजर सोमवार के विधानसभा घेराव पर है और यह देखना अहम होगा कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहता है या प्रशासन और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनती है।