बिहार के भोजपुर में सोन नदी में बड़ा हादसा, तीन बच्चों समेत चार की डूबकर मौत, मचा कोहराम
बिहार के भोजपुर जिले में सोन नदी में नहाने गए बच्चों के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। गहरे पानी में डूब रहे तीन बच्चों को बचाने की कोशिश में एक युवक भी नदी में उतर गया, लेकिन वह खुद भी बाहर नहीं निकल सका। इस हादसे में तीन बच्चों और एक युवक की जान चली गई। घटना संदेश थाना क्षेत्र के तीर्थकौल गांव स्थित बरवा घाट की है। चार लोगों की मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बच्चों को बचाने नदी में उतरा युवक, चारों की मौत
स्थानीय लोगों के अनुसार, सात बच्चे सोन नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान तीन बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उन्हें बचाने के लिए 30 वर्षीय सुधीर कुमार यादव नदी में कूद पड़े, लेकिन वह भी गहराई में फंस गए। ग्रामीणों ने बचाव की कोशिश की और पुलिस-प्रशासन को सूचना दी। काफी मशक्कत के बाद चारों के शव नदी से बाहर निकाले गए। हादसे के बाद घाट पर लोगों की भीड़ जुट गई।
दो सगे भाइयों की मौत से परिवार में मातम
इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान आकाश शर्मा (15), प्रेम कुमार (12), शिवम उर्फ सिद्धांत कुमार (10) और सुधीर कुमार यादव (30) के रूप में हुई है। प्रेम और शिवम सगे भाई थे। दोनों बच्चों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। आकाश के पिता मजदूरी करते हैं, जबकि प्रेम और शिवम के पिता भी मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वहीं, सुधीर गाड़ी चलाकर अपने परिवार की जरूरतें पूरी करते थे। उनकी मौत से पत्नी और बच्चे के सामने भी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
सोन नदी में बालू कटाई से बने गड्ढों पर उठे सवाल
हादसे के बाद ग्रामीणों ने सोन नदी में बालू कटाई के कारण बने गहरे गड्ढों को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इन गड्ढों की वजह से नदी में पानी की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है और नहाने वाले लोग खतरे में पड़ सकते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बरवा घाट पर पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने प्रशासन से खतरनाक स्थानों को चिह्नित करने और घाट पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की है।
पोस्टमार्टम के बाद मुआवजे की प्रक्रिया होगी शुरू
संदेश के अंचलाधिकारी शम्मी कुमार ने चार लोगों की डूबने से मौत होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और बालू कटाई से बने गहरे गड्ढों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।