दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, सरकार ने 3% बढ़ाया महंगाई भत्ता, ₹10,016 करोड़ मंजूर
त्योहारी सीजन में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कैबिनेट की बैठक में डीए में 3 फीसदी बढ़ोतरी को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी गई है। इसके बाद महंगाई भत्ता 60 फीसदी से बढ़कर 63 फीसदी हो जाएगा। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होने की बात कही गई है। ऐसे में कर्मचारियों को जुलाई से सितंबर तक के बकाया भुगतान का लाभ भी मिल सकता है, जबकि अक्टूबर की सैलरी के साथ एरियर जोड़कर नवंबर में भुगतान किए जाने की जानकारी है। इस फैसले से केंद्र सरकार पर करीब 10,016 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है। इससे पहले कर्मचारी और पेंशनर्स दशहरा से ही डीए में बढ़ोतरी की घोषणा का इंतजार कर रहे थे।
DA बढ़ने पर कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी?
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक कमाई पर पड़ता है, क्योंकि इसकी गणना मूल वेतन यानी बेसिक पे के आधार पर की जाती है। उदाहरण के तौर पर, सातवें वेतन आयोग के लेवल-5 में 29,200 रुपये बेसिक पे पाने वाले कर्मचारी का डीए 60 फीसदी की दर से 17,520 रुपये बनता है। दर बढ़कर 63 फीसदी होने पर यह रकम 18,396 रुपये हो जाएगी। यानी कर्मचारी को हर महीने 876 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। इसके अलावा, ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TPTA) पाने वाले कर्मचारियों को भी संबंधित नियमों के तहत अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। कुछ शहरों की निर्धारित श्रेणी में ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर करीब 108 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी का अनुमान बताया गया है। हालांकि, वास्तविक लाभ कर्मचारी के वेतन स्तर और लागू भत्तों पर निर्भर करेगा।
पांचवें और छठे वेतन आयोग के कर्मचारियों को भी राहत
डीए में संशोधन के तहत पांचवें और छठे केंद्रीय वेतन आयोग के वेतनमान में आने वाले कर्मचारियों के लिए भी दरों में बदलाव की जानकारी दी गई है। छठे वेतन आयोग के तहत 1 जुलाई 2026 से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (DR) मूल वेतन के 262 फीसदी से बढ़कर 269 फीसदी होने का उल्लेख है। वहीं, पांचवें वेतन आयोग के वेतनमान में यह दर 483 फीसदी से बढ़कर 497 फीसदी हो जाएगी। इस तरह छठे वेतन आयोग के तहत 7 फीसदी और पांचवें वेतन आयोग के तहत 14 फीसदी की वृद्धि बताई गई है। डीए और डीआर में संशोधन का मकसद महंगाई के असर को कम करना और कर्मचारियों तथा पेंशनर्स की क्रय शक्ति को सहारा देना है।
कंटेनर और खेल सामग्री निर्माण के लिए भी योजना
एंकैबिनेट की बैठक में डीए के अलावा विनिर्माण और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं को भी मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें 10,000 करोड़ रुपये की कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम, 1,856 करोड़ रुपये की खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम और 7,395 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना शामिल हैं। खेल सामग्री निर्माण योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2033-34 तक आठ वर्षों के लिए प्रस्तावित है। इसके तहत उत्पादन को प्रोत्साहन देने के साथ विनिर्माण क्षेत्र के लिए बेहतर इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। योजना में मैन्युफैक्चरिंग जोन, निवेश सहायता, कारोबार आधारित प्रोत्साहन, टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन, रिसर्च, कौशल विकास, स्टार्टअप्स तथा ब्रांडिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य घरेलू उत्पादन क्षमता को बढ़ावा देना और संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को मजबूत करना है।