दिल्ली-NCR में H1N1 फ्लू का कहर, 54% घरों में वायरल के लक्षण, ICMR ने क्या बताया?
दिल्ली-NCR में मौसम में बदलाव के साथ फ्लू और वायरल बुखार के मामलों में बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी में H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली सरकार ने लोगों को सतर्क रहने और संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इसी बीच LocalCircles के सर्वे से पता चला है कि दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद में करीब 54 फीसदी घरों में कम से कम एक सदस्य को फ्लू या वायरल बुखार जैसे लक्षण महसूस हुए हैं।
32 हजार से अधिक लोगों के बीच हुआ सर्वे
LocalCircles की ओर से 23 अगस्त को जारी किए गए सर्वे में 32,643 लोगों की प्रतिक्रियाएं शामिल की गईं। सर्वे के मुताबिक 23 फीसदी घरों में चार या उससे अधिक सदस्यों में फ्लू या वायरल बुखार जैसे लक्षण देखे गए, जबकि 16 फीसदी घरों में दो से तीन और 15 फीसदी घरों में कम से कम एक व्यक्ति प्रभावित पाया गया। कुल मिलाकर 39 फीसदी घर ऐसे रहे, जहां एक ही समय में दो या उससे ज्यादा लोगों में संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दिए।
दिल्ली में H1N1 के मामलों में बड़ा उछाल
राजधानी में मौसमी इन्फ्लूएंजा और H1N1 के मामलों में भी तेजी दर्ज की गई है। 20 अगस्त तक दिल्ली में इन्फ्लूएंजा के 159 नए मामले सामने आए, जिनमें 114 H1N1 से जुड़े थे। इस साल अब तक इन्फ्लूएंजा-A के 2,392 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 1,777 H1N1, 37 H1 और 138 H3 मामले शामिल हैं, जबकि 440 मामले अन्य इन्फ्लूएंजा श्रेणी के हैं। पिछले साल इसी अवधि में H1N1 के सिर्फ 229 मामले सामने आए थे।
आधिकारिक आंकड़ों से ज्यादा हो सकता है संक्रमण
विशेषज्ञों के लिए चिंता की एक वजह यह भी है कि सरकारी आंकड़ों में आमतौर पर उन्हीं मामलों की गिनती होती है, जिनकी जांच अस्पताल या लैब में हुई है। ऐसे कई लोग भी हो सकते हैं जिनमें फ्लू जैसे लक्षण विकसित हुए, लेकिन उन्होंने जांच कराए बिना घर पर आराम और सामान्य देखभाल से स्वास्थ्य लाभ कर लिया। इस वजह से वास्तविक संक्रमण का दायरा आधिकारिक आंकड़ों से अधिक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, ICMR ने साफ किया है कि देश में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला है। मौजूदा वायरस A/Missouri/11/2025 (H1N1) pdm09 जैसे स्ट्रेन से मिलता-जुलता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
H1N1 और मौसमी इन्फ्लूएंजा में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और थकान जैसे लक्षण आम हैं। ICMR के मुताबिक मौसमी इन्फ्लूएंजा ज्यादातर मामलों में अपने-आप ठीक हो जाता है, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे में दिल्ली सरकार की सलाह के अनुसार हाथों की स्वच्छता बनाए रखना, भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक जाने से बचना और लक्षण बढ़ने पर समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।