Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Khabar Nest Khabar Nest
Khabar Nest Khabar Nest
  • Home
  • अजब-गजब
  • एजुकेशन
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
  • Home
  • अजब-गजब
  • एजुकेशन
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
Subscribe
Close

Search

धर्म

Hariyali Teej 2026: कब रखा जाएगा हरियाली तीज का व्रत? जानें शुभ मुहूर्त, तिथि और धार्मिक महत्व

By dolly singh
July 23, 2026 3 Min Read
0

सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इसी पावन मास में आने वाला हरियाली तीज का पर्व विवाहित महिलाओं और अविवाहित कन्याओं के लिए विशेष महत्व रखता है। हरियाली तीज केवल एक व्रत नहीं, बल्कि प्रेम, समर्पण, सौभाग्य और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता है। इस दिन महिलाएं पूरे श्रद्धा भाव से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं तथा सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। वर्ष 2026 में हरियाली तीज की तिथि को लेकर लोगों के बीच असमंजस बना हुआ है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस वर्ष हरियाली तीज का व्रत कब रखा जाएगा, पूजा का शुभ समय क्या रहेगा और इस पर्व का धार्मिक महत्व क्या है।

हरियाली तीज 2026 कब है?

वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का आरंभ 14 अगस्त 2026 को शाम 6 बजकर 46 मिनट पर होगा और इसका समापन 15 अगस्त 2026 को शाम 5 बजकर 28 मिनट पर होगा। हिंदू धर्म में अधिकांश व्रत और त्योहार उदया तिथि के आधार पर मनाए जाते हैं। इसी नियम के अनुसार वर्ष 2026 में हरियाली तीज का व्रत और पूजा 15 अगस्त, शनिवार को की जाएगी।

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त

हरियाली तीज के दिन पूजा का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। इस वर्ष हरियाली तीज पर पूजा का शुभ समय सुबह 7 बजकर 29 मिनट से सुबह 9 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में विधि-विधान के साथ पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है।

सुहागिन महिलाओं के लिए क्यों खास है यह व्रत?

हरियाली तीज का व्रत मुख्य रूप से विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से रखती हैं। इस दिन निर्जला या फलाहार व्रत रखकर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया यह व्रत दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और सुख-समृद्धि बनाए रखता है। साथ ही परिवार में खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।

अविवाहित कन्याएं भी रखती हैं हरियाली तीज का व्रत

हरियाली तीज केवल सुहागिन महिलाओं तक सीमित नहीं है। अविवाहित कन्याएं भी इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से योग्य और मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है। इसलिए देश के कई हिस्सों में युवतियां भी पूरे श्रद्धा भाव से यह व्रत रखती हैं और माता गौरी से अपने उज्ज्वल वैवाहिक भविष्य का आशीर्वाद मांगती हैं।

हरियाली तीज का पौराणिक महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। उनकी अटूट भक्ति, समर्पण और तप से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने सावन शुक्ल तृतीया के दिन उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। इसी पावन घटना की स्मृति में हर वर्ष हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। यह दिन प्रेम, धैर्य, समर्पण और अटूट विश्वास का प्रतीक माना जाता है।

Tags:

Hariyali Teej
Author

dolly singh

Follow Me
Other Articles
Previous

कंगाल पाकिस्तान का सहारा बना कनाडा, 47 मिलियन डॉलर की ‘भीख’ लेने जा रहे शहबाज शरीफ

Next

खेल-खेल में मुंह में दबाई मोबाइल की बैटरी, तभी हुआ जोरदार ब्लास्ट, चली गई 12 साल के मासूम की जान

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2026 — Khabar Nest. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme