हैदराबाद में दर्दनाक हादसा, निर्माणाधीन सात मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, दो की मौत
हैदराबाद के माधापुर इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत के अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। अंजैया नगर में हुए इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। हादसे के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सात मंजिला इमारत अचानक हुई धराशायी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अंजैया नगर में सात मंजिला इमारत का निर्माण चल रहा था। इसी दौरान अचानक पूरा ढांचा भरभराकर नीचे आ गिरा। मलबे के नीचे लोगों के दबे होने की आशंका के चलते बचाव दल ने तुरंत अभियान शुरू किया। जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है और राहतकर्मी लगातार फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। हादसे में दो लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
निर्माण की मंजूरी पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद निर्माणाधीन इमारत की वैधता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस विधायक अरेकापुडी गांधी ने दावा किया कि इमारत के निर्माण के लिए जरूरी मंजूरी नहीं ली गई थी। उनके मुताबिक, अधिकारियों ने करीब चार महीने पहले कथित अवैध निर्माण को रोकने की कार्रवाई की थी, लेकिन इसके बावजूद हाल ही में निर्माण दोबारा शुरू कर दिया गया। विधायक ने बताया कि सात मंजिला इमारत के साथ लगी दूसरी इमारत तक बेसमेंट का निर्माण बढ़ाया जा रहा था।
अवैध निर्माण को लेकर विधायक ने जताई चिंता
अरेकापुडी गांधी ने कहा कि लोगों को अवैध निर्माण से जुड़े जोखिमों को गंभीरता से समझना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सेरिलिंगमपल्ली इलाके में कई जगहों पर नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य चल रहे हैं। विधायक के अनुसार, प्रशासन ऐसे मामलों में इमारतों को जब्त करने की कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को लेकर चिंता जताई।
मलबे में तलाश जारी
फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। राहत और बचाव दल लगातार घटनास्थल पर काम कर रहे हैं। पुलिस भी हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। निर्माण की अनुमति, सुरक्षा मानकों और बेसमेंट के काम से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही इमारत गिरने की वास्तविक वजह और जिम्मेदार लोगों को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।