CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का जलवा, अब तक 17 पदक जीते, पाकिस्तान के हाथ अब भी खाली
CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का जलवा, अब तक 17 पदक जीते, पाकिस्तान के हाथ अब भी खाली रहा है, जहां कई मुक्केबाज सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। ऐसे में भारत के खाते में कम से कम 10 और पदक आने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कुल पदकों की संख्या जल्द 27 तक पहुंच सकती है।
पाकिस्तान अब भी पहले पदक का इंतजार कर रहा
दूसरी ओर पाकिस्तान का अभियान अब तक उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। इस बार पाकिस्तान ने 21 खिलाड़ियों का दल भेजा है, जिसमें 14 पुरुष और 7 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। ये खिलाड़ी छह अलग-अलग खेलों में हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन प्रतियोगिता के इस चरण तक पाकिस्तान एक भी पदक जीतने में सफल नहीं हुआ है। हालांकि कुछ मुकाबलों में उसके खिलाड़ियों ने उम्मीद जरूर बनाए रखी है।
बॉक्सिंग और जैवलिन थ्रो से पाकिस्तान को उम्मीद
पाकिस्तान की महिला मुक्केबाज फातिमा जहरा 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं, जिसके बाद उनका कम से कम कांस्य पदक लगभग तय माना जा रहा है। वहीं जैवलिन थ्रो में ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम भी फाइनल में जगह बना चुके हैं। हालांकि चोट के बाद उनकी फॉर्म पहले जैसी नहीं रही है, लेकिन पाकिस्तान को उनसे पदक की सबसे बड़ी उम्मीद है।
रेसलिंग की गैरमौजूदगी से बिगड़ा पाकिस्तान का समीकरण
कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पाकिस्तान की सबसे बड़ी ताकत रेसलिंग रही है। देश ने अपने 27 स्वर्ण पदकों में से 21 गोल्ड इसी खेल से जीते हैं, जबकि कुल 82 पदकों में 46 पदक रेसलिंग से आए हैं। इस बार खेलों में रेसलिंग को शामिल नहीं किए जाने से पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है और यही वजह है कि उसके लिए पदक जीतने की चुनौती पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा कठिन हो गई है।
इतिहास बनाम मौजूदा तस्वीर
पाकिस्तान ने पहली बार 1954 में कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया था। 2022 के बर्मिंघम खेलों में उसने 2 स्वर्ण सहित कुल 7 पदक जीते थे, जबकि उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1962 में रहा था, जब उसने 8 स्वर्ण सहित कुल 9 पदक अपने नाम किए थे। फिलहाल कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 अभी जारी हैं और कई मुकाबले बाकी हैं। भारत अपनी पदक संख्या को और मजबूत करने की कोशिश करेगा, जबकि पाकिस्तान की पूरी नजर पहले पदक के साथ सम्मानजनक वापसी पर होगी।