यमन के तट पर भारतीय जहाज पर हमला, लाल सागर में डूबा पोत; सभी भारतीय नाविक सुरक्षित
लाल सागर एक बार फिर वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता का केंद्र बन गया है। यमन के तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए प्रोजेक्टाइल हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हमले के बाद जहाज समुद्र में डूब गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि समय रहते बचाव अभियान चलाकर सभी भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में व्यापारिक जहाजों के लिए जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रोजेक्टाइल हमले के बाद पलटा भारतीय जहाज
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारतीय मैकेनाइज्ड सेलिंग वेसल MSV Faize Noore Oliya पर यमन के समुद्री क्षेत्र में प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि जहाज संतुलन खो बैठा और पलटकर समुद्र में डूब गया। उन्होंने इस हमले को बिना किसी उकसावे के किया गया हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए बेहद चिंताजनक घटना है।
यमन कोस्ट गार्ड ने सभी भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाला
सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि इस हादसे के तुरंत बाद यमन के कोस्ट गार्ड ने बचाव अभियान शुरू किया और जहाज पर मौजूद सभी 14 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया, जिनमें 13 भारतीय नागरिक शामिल हैं। सभी को सुरक्षित मोखा बंदरगाह पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और राहत की बात है कि इस घटना में किसी भारतीय की जान नहीं गई। भारतीय अधिकारियों द्वारा नाविकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हमलावर का खुलासा नहीं
अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि जहाज पर हमला किसने किया। हालांकि यमन के आसपास के समुद्री क्षेत्र में पहले भी ईरान समर्थित हूती विद्रोही कई अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाते रहे हैं। यही वजह है कि इस घटना के बाद भी संदेह की नजरें हूती समूह की ओर हैं, लेकिन किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। ऐसे में जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही हैं और क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।
विदेश मंत्रालय ने जताई कड़ी आपत्ति
विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि 4 अगस्त 2026 को यमन के तट के पास लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक पोत MSV Faize Noore Oliya पर हमला किया गया, जिसके बाद जहाज समुद्र में डूब गया। मंत्रालय ने पुष्टि की कि जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। साथ ही बताया कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास यमन के संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और चालक दल की सुरक्षा, आवश्यक सहायता तथा आगे की सभी औपचारिकताओं के लिए सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है।