Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Khabar Nest Khabar Nest
Khabar Nest Khabar Nest
  • Home
  • अजब-गजब
  • एजुकेशन
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
  • Home
  • अजब-गजब
  • एजुकेशन
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
Subscribe
Close

Search

दुनिया

ईरान ने चीन की पीठ में घोंपा छुरा? कुवैत में चाइनीज फर्म किया मिसाइल अटैक, 1 शख्स की मौत

By dolly singh
July 30, 2026 3 Min Read
0

पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध अब सिर्फ ईरान और अमेरिका के बीच की लड़ाई नहीं रह गया है। हर गुजरते दिन के साथ नए देश, नए मोर्चे और नए विवाद इस संघर्ष को और जटिल बना रहे हैं। ताजा घटनाक्रम ने दुनिया को इसलिए भी चौंका दिया क्योंकि इस बार निशाने पर कोई अमेरिकी ठिकाना या इजरायली सैन्य अड्डा नहीं, बल्कि चीन की एक कंपनी की इमारत आ गई। कुवैत में हुए इस हमले ने उन कूटनीतिक समीकरणों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें चीन को अब तक ईरान का सबसे भरोसेमंद अंतरराष्ट्रीय साझेदार माना जाता रहा है। दूसरी ओर अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है, जबकि सऊदी अरब ने अपने तेल प्रतिष्ठानों पर बढ़ते हमलों के बीच तेहरान को खुली चेतावनी दे दी है। इन घटनाओं ने पूरे पश्चिम एशिया को एक नए और अधिक खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है।

कुवैत में चीनी कंपनी बनी मिसाइल हमले का निशाना

कुवैत की सेना के अनुसार गुरुवार सुबह उत्तरी कुवैत में स्थित एक चीनी कंपनी की इमारत ईरानी हमले की चपेट में आ गई। इस हमले में इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और वहां काम कर रहे एक कर्मचारी की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हमला इतना तेज था कि इमारत का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

जॉर्डन ने हवा में ही रोक दीं पांच ईरानी मिसाइलें

कुवैत में हमले से कुछ घंटे पहले जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से दागी गई पांच मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया। जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘पेट्रा’ ने सेना के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया और इस कार्रवाई में किसी भी नागरिक या सैन्य कर्मी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।

अमेरिका का बड़ा पलटवार, IRGC के ठिकानों पर बरसे हमले

ईरानी हमलों के जवाब में अमेरिका ने भी बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी कि उसने ईरान के खिलाफ हमलों का एक व्यापक अभियान पूरा किया है। इन हमलों का मुख्य लक्ष्य इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सैन्य ठिकाने थे।

अमेरिका के अनुसार कार्रवाई में सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल लॉन्चिंग साइट, ड्रोन संचालन केंद्र और तटीय निगरानी एवं रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। वाशिंगटन का कहना है कि यह कार्रवाई जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए ईरानी मिसाइल हमले के जवाब में की गई।

क्या बदलेंगे ईरान और चीन के रिश्ते?

अब तक चीन और ईरान के बीच संबंधों को पश्चिम एशिया की सबसे मजबूत रणनीतिक साझेदारियों में गिना जाता रहा है। चीन लगातार अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई की आलोचना करता रहा है और उसने कई बार ईरान की संप्रभुता का समर्थन भी किया है। इतना ही नहीं, बीजिंग ने पाकिस्तान के साथ मिलकर युद्धविराम और शांति स्थापित करने के प्रयासों का भी समर्थन किया था।

चीन की सैन्य मदद के बीच आया यह घटनाक्रम

ईरान की रक्षा क्षमता को मजबूत करने में चीन की भूमिका लगातार बढ़ती रही है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार चीन जल्द ही ईरान को कंधे से दागी जाने वाली एयर डिफेंस मिसाइल लॉन्चर की पहली खेप भेजने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि कुल 400 मिसाइल लॉन्चर ईरान को उपलब्ध कराए जाएंगे।

खाड़ी देशों के साथ भी संतुलन साधता रहा है चीन

चीन ने हमेशा कोशिश की है कि वह ईरान का समर्थन करने के साथ-साथ खाड़ी देशों के साथ अपने आर्थिक हितों को भी सुरक्षित रखे। तेल आयात और व्यापारिक निवेश के कारण चीन के सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत जैसे देशों के साथ भी गहरे आर्थिक संबंध हैं।

सऊदी अरब ने ईरान को दी सख्त चेतावनी

ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच अब सऊदी अरब भी खुलकर सक्रिय हो गया है। हाल के दिनों में सऊदी अरब ने अपने तेल प्रतिष्ठानों पर हुए ड्रोन हमलों के लिए इराकी मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि कुछ समूहों ने इन आरोपों को खारिज किया, जबकि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने अलग संघर्ष के तहत सऊदी ऊर्जा ठिकानों पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया।

ट्रंप और जेडी वेंस से मुलाकात के बाद बदला सऊदी का रुख

सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने बुधवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से अलग-अलग मुलाकात की। इन बैठकों के बाद सऊदी अरब का संदेश और अधिक स्पष्ट हो गया। रियाद ने संकेत दिया कि यदि ईरान या उसके समर्थित संगठन भविष्य में सऊदी तेल उद्योग या रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हैं, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।

Tags:

ChinaIran
Author

dolly singh

Follow Me
Other Articles
Previous

पत्नी का दिल दहलाने वाला कांड! पति को मौत के घाट उतारकर 10 फीट नीचे दफनाई लाश, 2 साल तक बनाती रही बेवकूफ

Next

महाराष्ट्र के भिवंडी में 4 मंजिला इमारत का हिस्सा ढहा, 3 की मौत; कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2026 — Khabar Nest. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme