चर्च पर हमले का बदला! जॉर्डन ने सीरिया में बरसाए बम, कई संदिग्ध आतंकियों को बनाया निशाना
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। जॉर्डन ने अपने यहां एक चर्च पर हुए जानलेवा हमले के बाद सीरिया में हवाई कार्रवाई की है। जॉर्डन की सेना का दावा है कि इस हमले में संदिग्ध आतंकी समूहों के कई सदस्य मारे गए और कुछ घायल हुए हैं। साथ ही उनके कई वाहनों को भी नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई 23 अक्टूबर को जॉर्डन के कराक शहर में ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर हुए हमले के बाद की गई है। इस घटना में नौ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। हालांकि, सीरिया की ओर से हवाई हमलों में नागरिकों के मारे जाने की खबर सामने आई है, जिससे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है।
चर्च पर हमले के बाद जॉर्डन ने की सैन्य कार्रवाई
जॉर्डन के सरकारी मीडिया के मुताबिक, देश की वायुसेना ने सोमवार, 26 अक्टूबर को सीरिया में उन समूहों को निशाना बनाया, जिन्हें जॉर्डन चर्च पर हुए हमले से जुड़ा मानता है। जॉर्डन ने दावा किया कि इस कार्रवाई में कई संदिग्ध आतंकवादी मारे गए या घायल हुए और उनके कई वाहन नष्ट कर दिए गए। हालांकि, जॉर्डन ने न तो इन समूहों के नाम बताए और न ही हमले की सटीक जगह की जानकारी दी। दूसरी ओर, सीरिया के सरकारी मीडिया ने हवाई हमलों के बाद नागरिकों के हताहत होने की खबर दी। सीरियाई अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिणी सीरिया के दारा और स्वेदा प्रांतों में हमलों के दौरान नागरिकों की भी जान गई।
चर्च पर हमले के मामले में तीन संदिग्ध गिरफ्तार
सीरिया में हवाई कार्रवाई से पहले जॉर्डन की सुरक्षा एजेंसियों ने चर्च पर हमले के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों के मुताबिक, कराक इलाके में एक खाली मकान में छिपे संदिग्धों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बलों ने अभियान चलाया। इस दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें तीनों संदिग्ध घायल हो गए। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान हज्जा जैदान मोहम्मद, मिशाल जैदान मोहम्मद और अहमद सामी हुसैन के रूप में हुई है। इनमें दो सगे भाई हैं, जबकि तीसरा उनका बहनोई बताया गया है। तीनों जॉर्डन के नागरिक हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जिस मकान से उन्हें पकड़ा गया, वहां से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है।
अंतिम संस्कार के दौरान चर्च पर हुआ था हमला
यह पूरा मामला 23 अक्टूबर को जॉर्डन के कराक शहर में हुए हमले से जुड़ा है। यहां एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान गोलीबारी की घटना हुई थी। इस हमले में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पूरे देश में शोक की लहर फैल गई। जॉर्डन ने मृतकों के सम्मान में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की थी। फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है और हमलावरों के मकसद को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। जॉर्डन के अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपियों को चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित बताया है, लेकिन उनके किसी संगठित संगठन से जुड़े होने की पुष्टि नहीं की है।
जॉर्डन के राजा ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जॉर्डन के अधिकारियों ने कहा कि देश में आतंकवादी गतिविधियों और समाज को बांटने वाली चरमपंथी विचारधाराओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जॉर्डन के आंतरिक मंत्री माज़ेन अल-फराया ने भी हमले को चरमपंथी सोच का परिणाम बताया। वहीं, पीड़ित परिवारों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कुछ राहत मिलने की बात कही है। हालांकि, उनका कहना है कि इस घटना से मिला दर्द लंबे समय तक बना रहेगा।
सीरिया ने नागरिकों की मौत की खबरों के बाद शुरू की जांच
जॉर्डन की सैन्य कार्रवाई के बाद सीरिया में नागरिकों के हताहत होने की खबरों ने दोनों देशों के बीच स्थिति को संवेदनशील बना दिया है। जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि कार्रवाई दमिश्क के साथ समन्वय में की गई, लेकिन सीरिया की सरकार ने इस मामले में अलग रुख अपनाते हुए हमलों की जांच शुरू करने की बात कही। सीरियाई अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और जमीनी स्तर पर समन्वय की जरूरत पर जोर दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, हमलों के बाद सीरिया ने जॉर्डन से लगने वाली नसीब सीमा चौकी पर यात्री और वाणिज्यिक आवाजाही भी रोक दी। फिलहाल यह देखना अहम होगा कि इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति पर क्या असर पड़ता है।