JPSC-JSSC भर्ती सुधार अभियान का दूसरा चरण आज से शुरू, शिबू सोरेन के पैतृक गांव से निकलेगी यात्रा
झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब अगले चरण में प्रवेश करने जा रहा है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हुए छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरा रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के अनुसार, JPSC-JSSC भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत आज रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित लुकैया टांड़ से होगी। यह स्थान दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पैतृक गांव है।
आदिवासी परंपरा के साथ होगा अभियान का शुभारंभ
यात्रा की शुरुआत झारखंड की पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार की जाएगी। वरिष्ठ पाहन की मौजूदगी में पारंपरिक विधि-विधान के साथ मांदर की धुन पर राष्ट्रगान होगा और सखुआ के पौधे का रोपण किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, यह आयोजन झारखंड की मिट्टी, संस्कृति और प्रकृति के साथ-साथ लोकतांत्रिक मूल्यों के सम्मान का प्रतीक होगा।
24 जिलों से होकर रांची पहुंचेगी यात्रा
रामगढ़ से शुरू होने वाली भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा राज्य के 24 जिलों से होकर रांची पहुंचेगी। प्रस्तावित मार्ग में हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लातेहार, पलामू और गढ़वा समेत अन्य जिले शामिल हैं। अभियान का उद्देश्य युवाओं और अभ्यर्थियों के बीच पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह भर्ती व्यवस्था को लेकर जागरूकता बढ़ाना और जनसमर्थन जुटाना है।
अभ्यर्थियों के साथ रहेगी लीगल टीम
अभियान के दौरान न्यायिक मामलों में अभ्यर्थियों को जरूरी सहायता देने के लिए अधिवक्ताओं की टीम भी साथ रहेगी। संबंधित मामलों में इंटरवेनर के तौर पर शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों को वकालतनामा और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया से प्रभावित अभ्यर्थियों को कानूनी तौर पर अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।
संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से चलेगा अभियान
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि पूरी यात्रा संवैधानिक, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संचालित की जाएगी। अभियान में हिंसा, उपद्रव या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली किसी गतिविधि की जगह नहीं होगी। छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार और भर्ती संस्थाओं के सामने अभ्यर्थियों की समस्याओं तथा भर्ती प्रक्रिया में जरूरी सुधारों की मांग लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती के साथ रखी जाएगी।