Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Khabar Nest Khabar Nest
Khabar Nest Khabar Nest
  • Home
  • अजब-गजब
  • एजुकेशन
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
  • Home
  • अजब-गजब
  • एजुकेशन
  • क्राइम
  • खेल
  • दुनिया
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
Subscribe
Close

Search

दुनिया

नेपाल में कुदरत का कहर! फ्लैश फ्लड से मची तबाही, भारत-चीन बॉर्डर तक अलर्ट; मदद के लिए पहुंची IAF

By dolly singh
August 27, 2026 4 Min Read
0

नेपाल में बुधवार सुबह आई अचानक भीषण बाढ़ ने हिमालयी क्षेत्र में तबाही की ऐसी तस्वीरें सामने रख दीं, जिन्हें देखकर रोंगटे खड़े हो रहे हैं। रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी ने कुछ ही मिनटों में अपना रौद्र रूप दिखाया और रास्ते में आने वाली इमारतों, वाहनों और पुलों को अपने साथ बहा लिया। नेपाल-चीन सीमा से सामने आए वीडियो में लोग जान बचाने के लिए भागते नजर आए, लेकिन सैलाब की रफ्तार इतनी तेज थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

नेपाल-चीन बॉर्डर पर मची तबाही

राजधानी काठमांडू से करीब 125 किलोमीटर दूर रसुवा में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा और देखते ही देखते आसपास के इलाके जलप्रलय की चपेट में आ गए। बाजार, सड़कें और पुल मलबे के ढेर में बदल गए। कई जगहों पर पानी के साथ पत्थर, पेड़ और चट्टानें भी इतनी तेजी से आईं कि मजबूत निर्माण भी उनके सामने टिक नहीं सके।

400 से ज्यादा लोग लापता

इस आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है। नेपाल पर्यटन से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक 133 भारतीयों समेत 291 विदेशी पर्यटकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। कुल मिलाकर 400 से अधिक लोगों के लापता होने की बात सामने आई है। इनमें अमेरिका के 47, ब्रिटेन के 33 और नेपाल के 62 नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

नेपाल सरकार की अपील के बाद भारत ने राहत सामग्री और जरूरी दवाइयों के साथ मदद पहुंचाई है। भारत की ओर से 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजी गई है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने इस सहयोग के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भारत सरकार का आभार जताया है। भारतीय एजेंसियां भी सीमा क्षेत्र में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

पीएम मोदी ने नेपाल को दिया भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बातचीत कर इस त्रासदी पर दुख जताया और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। इसके साथ ही सशस्त्र सीमा बल ने भारत-नेपाल सीमा पर तैनात अपनी 11 यूनिट्स को अलर्ट कर दिया है। आपदा की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

बिहार में भी बढ़ी चिंता

नेपाल में आई बाढ़ का असर भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी पड़ने की आशंका है। बिहार के मुख्य सचिव ने उच्चस्तरीय बैठक कर NDRF और SDRF को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। गंडक नदी से जुड़े जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बातचीत कर राज्य सरकार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।

अचानक कैसे आई इतनी बड़ी बाढ़?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब भारी बारिश या बादल फटने जैसी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई, तो भोटेकोशी नदी में अचानक इतना भीषण उफान कैसे आया। शुरुआती वैज्ञानिक आकलन एक संभावित ग्लेशियर या बर्फीले मलबे के खिसकने की ओर इशारा कर रहे हैं। आशंका है कि भारी बर्फ और मलबा नदी में गिरने से पानी का रास्ता कुछ समय के लिए बाधित हुआ और प्राकृतिक बांध जैसी स्थिति बन गई।

प्राकृतिक बांध टूटने से आया सैलाब?

अगर नदी का पानी इस तरह किसी अवरोध के पीछे जमा हुआ हो, तो लगातार बढ़ता दबाव उस प्राकृतिक बांध को अचानक तोड़ सकता है। इसके बाद जमा पानी बेहद तेज रफ्तार से नीचे की ओर बढ़ता है और अपने साथ मलबा, पत्थर, पेड़ तथा चट्टानें भी बहा ले जाता है। इसी तरह की घटना ने भोटेकोशी को कुछ ही समय में शांत नदी से विनाशकारी सैलाब में बदल दिया होने की आशंका जताई जा रही है।

कुछ ही सेकंड में उजड़ गई जिंदगी

नेपाल-चीन सीमा से सामने आए वीडियो में इस तबाही की भयावहता साफ दिखाई देती है। लोग सैलाब से बचने के लिए भागते नजर आते हैं, लेकिन पानी इतनी तेजी से आगे बढ़ता है कि कुछ ही सेकंड में इमारतें, वाहन और आसपास मौजूद सामान उसकी चपेट में आ जाते हैं। कई इलाकों में पुल और सड़कें भी बह गईं, जबकि रेस्क्यू टीमों के सामने मलबे के कारण अभियान चलाना बड़ी चुनौती बन गया है।

पावर प्रोजेक्ट भी हुए प्रभावित

बाढ़ ने रसुवा और नुवाकोट जिलों में नदी पर बने करीब 13 पावर प्रोजेक्ट को भी प्रभावित किया है। लांगटांग हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे करीब 60 लोगों के लापता होने की खबर है। कई इलाकों में बने हेलीपैड तक पानी और मलबे की चपेट में आ गए, जिसके कारण राहत हेलिकॉप्टरों को भी कई जगह बिना उतरे वापस लौटना पड़ा।

गंडक के जरिए भारत तक पहुंच सकता है पानी

भोटेकोशी नदी करीब 81 किलोमीटर लंबी है और तिब्बत से निकलकर नेपाल में त्रिशूली नदी से मिलती है। आगे यही जलप्रवाह भारत में गंडक नदी के रूप में प्रवेश करता है। गंडक बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से गुजरती है। नेपाल से नीचे की ओर बढ़ने वाला अतिरिक्त पानी कुछ घंटों में गंडक के जलस्तर को प्रभावित कर सकता है, इसलिए सीमावर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

मलबे में तब्दील हुए बाजार और बस्तियां

सैलाब गुजरने के बाद रसुवा के कई इलाकों में कई फीट तक मलबा जमा है। जहां कुछ घंटे पहले बाजारों में चहल-पहल थी, वहां अब टूटी इमारतें, क्षतिग्रस्त सड़कें और बिखरा सामान दिखाई दे रहा है। राहतकर्मी लगातार लोगों की तलाश में जुटे हैं। नेपाल की इस त्रासदी ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के खतरे और समय रहते चेतावनी तंत्र को मजबूत करने की जरूरत को सामने ला दिया है।

Tags:

NepalNepal Flood
Author

dolly singh

Follow Me
Other Articles
Previous

नेपाल में अचानक आई बाढ़ से तबाही; 300 से ज्यादा लापता, 7 की मौत, बस्तियां उजड़ीं, हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट बहे

Next

Toxic: यश की ‘टॉक्सिक’ ने पहले दिन ही मचाया तहलका, 100 करोड़ क्लब में धमाकेदार एंट्री

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2026 — Khabar Nest. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme