उत्तराखंड के चमोली में बड़ा टनल हादसा, सुरंग में मलबा-पानी घुसा, 7 मजदूरों की मौत, कई घायल
उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी सुरंग में हुआ हादसा बेहद दर्दनाक साबित हुआ है। गुरुवार 13 अगस्त को जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुसने से वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में सात श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य घायल हुए हैं। मृतकों की पहचान अब सामने आ गई है।
मृतकों में उत्तराखंड समेत कई राज्यों के मजदूर
हादसे में जान गंवाने वालों में टिहरी जिले के गेंवाल निवासी प्रदीप सिंह पवार, चमोली के मुकेश, बिहार के दुर्लभ शर्मा, झारखंड के विजय और जितेंद्र कुमार शामिल हैं। इसके अलावा लोकेश्वर और भुनेश्वर की भी मौत हुई है। इन दोनों के बारे में अभी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे ने निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूरों और उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
14 घायल मजदूर अस्पताल में भर्ती
हादसे में घायल 14 मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें छत्तीसगढ़ के सुनील दीवान और पेन सिंह, झारखंड के हाबिल गुड़िया, निस्तार भिंगरा, विनोद सावना, दीना बैगरा और खेला राम बिसरा, पंजाब के छब्बा सिंह, हिमाचल प्रदेश के तिलक राज और बिहार के चन्दन कुमार, अवधेश, नन्दलाल और रोहित पांडे शामिल हैं। गोविंद को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि रोहित पांडे को बेहतर उपचार के लिए श्रीनगर रेफर किया गया है। बाकी घायलों का गोपेश्वर जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
22 मजदूर फंसे, 20 को निकाला गया
घटना के समय सुरंग के भीतर कुल 22 श्रमिक फंसे हुए थे। राहत और बचाव अभियान के दौरान 20 मजदूरों को बाहर निकाला गया। इनमें छह को मृत घोषित किया गया, जबकि 14 घायल मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, दो अन्य श्रमिकों के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी। सुरंग में अचानक पानी और मलबा भरने के कारण मजदूरों को बाहर निकालने में बचाव दल को काफी चुनौती का सामना करना पड़ा।
टीएचडीसी परियोजना स्थल पर हुआ हादसा
अधिकारियों के मुताबिक, यह दुर्घटना पीपलकोटी क्षेत्र में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की परियोजना के निर्माण स्थल पर हुई। सुरंग में निर्माण कार्य चल रहा था और इसी दौरान अचानक पानी और मलबा घुस गया। घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य तेज किया गया। हादसे के कारणों और सुरंग में पानी घुसने की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री धामी घटनास्थल के लिए रवाना
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चमोली के लिए रवाना हो गए हैं। वह घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान का जायजा लेंगे और अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेंगे। प्रशासन की प्राथमिकता सुरंग में फंसे श्रमिकों की तलाश और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। इस हादसे के बाद परियोजना स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।