CJP Protest: संसद मार्च के दौरान RAF ने चलाई थी पैलेट गन, तीन प्रदर्शनकारी हुए थे घायल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन खत्म हुए दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन उससे जुड़े घटनाक्रम अब नए राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले रहे हैं। संसद मार्च के दौरान कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। वहीं, सीआरपीएफ ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में इस मामले पर आधिकारिक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
20 जुलाई की कार्रवाई पर उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन से फायरिंग की थी, जिसमें तीन लोग घायल हुए थे। सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह ने बताया कि किन परिस्थितियों में यह कार्रवाई की गई और क्या जवानों ने तय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन किया था, इसकी जांच जारी है। उन्होंने कहा कि अगले एक-दो दिनों में पूरे मामले पर सीआरपीएफ की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।
राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखा पत्र
इस घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। राहुल गांधी ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सवाल किया कि क्या सरकार ने युवाओं के खिलाफ पेलेट गन जैसे बल प्रयोग की अनुमति दी थी। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है और सरकार का दायित्व है कि वह प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे तथा उनकी मांगों पर संवाद के माध्यम से समाधान निकाले।
पेपर लीक विरोध से शुरू हुआ था आंदोलन
गौरतलब है कि पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया, जिसके दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव बढ़ गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे। इस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने संसद में भी सरकार को घेरा था और अब पेलेट गन फायरिंग के आरोपों ने इस पूरे विवाद को और अधिक गंभीर बना दिया है।