जम्मू-कश्मीर में बारिश बनी आफत, राजौरी और पुंछ में बाढ़ से भारी तबाही, कई लोगों की मौत
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने राजौरी और पुंछ जिलों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। पहाड़ी इलाकों में अचानक आई फ्लैश फ्लड और बाढ़ ने देखते ही देखते सड़कें, घर, बाजार और वाहन अपनी चपेट में ले लिए। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों परिवारों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है, वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
राजौरी में बाढ़ का कहर, महिला की मौत
राजौरी जिले में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। इस दौरान बाढ़ की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला के लापता होने की भी सूचना है। दो मकान पूरी तरह ढह गए और कई रिहायशी इलाकों में पानी घुसने से लोगों का घरेलू सामान खराब हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों बाद उन्होंने इतनी भयावह स्थिति देखी है।
बेला बस स्टैंड पूरी तरह तबाह, सैकड़ों वाहन बहे
राजौरी के बेला बस स्टैंड पर तड़के करीब तीन बजे अचानक आए तेज बहाव ने भारी तबाही मचाई। देखते ही देखते बस स्टैंड का निचला हिस्सा पानी में समा गया और वहां खड़ी करीब 200 से 250 कारें बाढ़ के तेज बहाव में बह गईं। कई वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार अब बस स्टैंड का अस्तित्व तक नजर नहीं आता और पूरे इलाके में मलबा ही मलबा दिखाई दे रहा है।
पुंछ के सुरनकोट में 10 लोगों की मौत
पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र में भी खराब मौसम और फ्लैश फ्लड ने भारी नुकसान पहुंचाया। यहां अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई। लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन प्रभावित इलाकों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है ताकि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
बाजार और घरों में घुसा पानी, लोगों को भारी नुकसान
बाढ़ का पानी कई बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में भर गया, जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। दुकानों में पानी भरने से व्यापारियों का सामान खराब हो गया, जबकि घरों में रखा फर्नीचर और जरूरी सामान भी बर्बाद हो गया। कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों का आवागमन बाधित हो गया और सड़कें पूरी तरह जलमग्न नजर आईं।
लोगों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
प्रभावित लोगों का कहना है कि अचानक आई इस आपदा ने उनका सब कुछ छीन लिया है। कई परिवारों का आरोप है कि बादल फटने जैसी स्थिति के बाद पानी का बहाव बेहद तेज हो गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से राहत सामग्री, मुआवजा और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हालात पर रखी नजर
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि वह राजौरी और आसपास के इलाकों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है और जिन परिवारों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
राहत कार्य जारी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
जिला प्रशासन, आपदा राहत दल और अन्य एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे बिना जरूरी कारण यात्रा न करें और नदियों, नालों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। मौसम विभाग ने 19 से 23 जुलाई के बीच जम्मू, कठुआ, सांबा, राजौरी, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही प्रमुख नदियों और पहाड़ी नालों का जलस्तर लगातार बढ़ने की चेतावनी भी जारी की गई है।