तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी को क्यों नहीं मिली अमेरिका दौरे की इजाजत? विदेश मंत्रालय ने बताई वजह
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के प्रस्तावित अमेरिका दौरे को केंद्र सरकार से राजनीतिक मंजूरी नहीं मिल सकी। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि मुख्यमंत्रियों और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों की विदेश यात्राओं के लिए राजनीतिक मंजूरी देते समय दौरे के उद्देश्य और कार्यक्रम को ध्यान में रखा जाता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस मामले में अमेरिका दौरे का कार्यक्रम पद और यात्रा के उद्देश्य के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसके चलते क्लीयरेंस नहीं दी गई। हालांकि, रेवंत रेड्डी के ब्रिटेन दौरे को मंजूरी दी गई थी।
अमेरिका जाने की योजना हुई रद्द
रेवंत रेड्डी की अगुवाई में ‘तेलंगाना-राइजिंग’ प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका का दौरा करना था। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, रेवंत रेड्डी पहले लंदन गए और वहां से अमेरिका के बोस्टन जाने की योजना थी। इसके बाद उन्हें 30 अगस्त को हैदराबाद लौटना था, लेकिन केंद्र से अमेरिकी दौरे की अनुमति नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा। अब मुख्यमंत्री 23 अगस्त को ही लंदन से हैदराबाद लौटेंगे। राज्य सरकार ने ब्रिटेन और अमेरिका दोनों यात्राओं के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत केंद्र से मंजूरी मांगी थी।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्रियों और अन्य वरिष्ठ लोगों के विदेशी दौरों के लिए विदेश मंत्रालय राजनीतिक मंजूरी की प्रक्रिया देखता है। उन्होंने कहा कि यात्रा का कार्यक्रम संबंधित पद और दौरे के उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए। जायसवाल के अनुसार, रेवंत रेड्डी के अमेरिकी दौरे के मामले में ऐसा नहीं था, इसलिए राजनीतिक मंजूरी नहीं दी गई। वहीं, उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री को ब्रिटेन यात्रा के लिए क्लीयरेंस प्रदान की गई थी।
केंद्र के फैसले से मुख्यमंत्री कार्यालय हैरान
मुख्यमंत्री कार्यालय ने अमेरिकी दौरे की अनुमति नहीं मिलने पर हैरानी जताई है। सीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रतिनिधिमंडल के ब्रिटेन पहुंचने के बाद राज्य सरकार को अमेरिका यात्रा की अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी मिली। राज्य सरकार के मुताबिक, ‘तेलंगाना-राइजिंग’ अभियान के तहत प्रस्तावित यह दौरा शिक्षा, निवेश और राज्य के विकास से जुड़े अवसरों को तलाशने के उद्देश्य से किया जाना था। सरकार ने इसे नीति और प्रोटोकॉल के तहत प्रस्तावित आधिकारिक यात्रा बताया है।
शिक्षा और वैश्विक संस्थानों से जुड़ी थी योजना
रेवंत रेड्डी के मुताबिक, अमेरिका दौरे का मुख्य उद्देश्य दुनिया के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को तेलंगाना और भारत से जोड़ना था। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित यात्रा के जरिए नई शिक्षा नीति के अनुरूप दुनिया के बेहतरीन विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाशने की योजना थी। मुख्यमंत्री का कहना है कि ऐसे संस्थानों के साथ साझेदारी से तेलंगाना के युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा, कौशल और प्रशिक्षण के अवसर मिल सकते थे। इसी उद्देश्य को उन्होंने ‘तेलंगाना-राइजिंग’ और विकसित भारत की दिशा में योगदान से जोड़ा।
अब 23 अगस्त को हैदराबाद लौटेंगे रेवंत रेड्डी
अमेरिकी दौरे की मंजूरी नहीं मिलने के बाद तेलंगाना सरकार के प्रतिनिधिमंडल का कार्यक्रम बदल गया है। रेवंत रेड्डी अब बोस्टन नहीं जाएंगे और 23 अगस्त को लंदन से हैदराबाद लौटेंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने केंद्र और तेलंगाना सरकार के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक समन्वय को लेकर चर्चा जरूर बढ़ा दी है। फिलहाल विदेश मंत्रालय ने क्लीयरेंस नहीं दिए जाने के पीछे यात्रा के कार्यक्रम और उद्देश्य को आधार बताया है, जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय इसे राज्य के विकास और शिक्षा से जुड़े प्रयासों से जोड़कर देख रहा है।