Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे में बढ़ा मौत का आंकड़ा, अब तक 6 शव बरामद; रेस्क्यू जारी
दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक बहुमंजिला इमारत के अचानक ढहने से हड़कंप मच गया। हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ अन्य घायल बताए जा रहे हैं। मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके चलते राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अब तक दस लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है।
अवैध निर्माण और बेसमेंट में मरम्मत बनी सवालों की वजह
प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया है कि इमारत का निर्माण कथित तौर पर नियमों को ताक पर रखकर किया गया था। बताया जा रहा है कि मूल संरचना ग्राउंड फ्लोर और एक मंजिल तक सीमित थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर चार मंजिल का कर दिया गया। हादसे के वक्त बेसमेंट में मरम्मत का काम भी चल रहा था। दिल्ली फायर सर्विस के पूर्व निदेशक अतुल गर्ग के मुताबिक, इमारत पुरानी थी और बिना मंजूरी के अतिरिक्त मंजिलें बनाए जाने के कारण उसकी संरचनात्मक मजबूती पर सवाल खड़े होते हैं। भारी बारिश और चल रहे निर्माण कार्य ने जोखिम और बढ़ा दिया।
मालिक समेत अन्य के खिलाफ FIR
दिल्ली पुलिस ने कथित मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि आवश्यक अनुमति के बिना इमारत में अतिरिक्त निर्माण कराया गया और उसे पेइंग गेस्ट यानी PG के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस और राहत एजेंसियां मलबे को सावधानी से हटाकर संभावित फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं। हादसे में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
PM मोदी समेत कई नेताओं ने जताया दुख
दिल्ली के इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी समेत कई नेताओं ने शोक जताया। सभी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी घटनास्थल का दौरा किया और अधिकारियों से राहत-बचाव अभियान की जानकारी लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
MCD के खिलाफ ABVP का प्रदर्शन
इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने सिविक सेंटर स्थित MCD कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई और संगठन ने MCD कमिश्नर के इस्तीफे की मांग की। हादसे ने एक बार फिर राजधानी में अवैध निर्माण, इमारतों की सुरक्षा और निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।