बिहार के सिवान में पटाखे बनाते समय भीषण धमाका, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, मचा कोहराम
बिहार के सिवान जिले में शुक्रवार शाम पटाखे बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट से एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बड़हरिया प्रखंड के जामो थाना क्षेत्र स्थित आलमपुर गांव में अमरुद्दीन मियां के घर पर हुए धमाके में परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के इलाके में चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों की निगरानी में राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
पटाखे बनाते समय अचानक हुआ जोरदार विस्फोट
स्थानीय लोगों के मुताबिक, अमरुद्दीन मियां (72) के घर में लंबे समय से पटाखे बनाने का काम किया जा रहा था। बताया जाता है कि परिवार में यह काम कई पीढ़ियों से चला आ रहा था। शुक्रवार को भी घर में पटाखे बनाए जा रहे थे, तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। घटनास्थल पर चीख-पुकार के बीच ग्रामीणों ने मदद करने की कोशिश की। हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।
घटनास्थल से चार शव बरामद
धमाके की सूचना मिलने के बाद सदर एसडीओ आशुतोष कुमार गुप्ता और एसडीपीओ घटनास्थल पर पहुंचे। सदर एसडीओ ने बताया कि अब तक चार शव निकाले जा चुके हैं और अन्य लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी है। विस्फोट से प्रभावित जगह पर राहत कार्य सावधानी के साथ किया जा रहा है, ताकि किसी अन्य हादसे से बचा जा सके। प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची
हादसे के बाद सिविल सर्जन के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। टीम को जरूरत के अनुसार चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैनात किया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटनास्थल पर दोबारा विस्फोट होने की आशंका के कारण राहत एवं बचाव अभियान में सावधानी बरती जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि अभियान के दौरान बचावकर्मियों को किसी तरह का अतिरिक्त खतरा न हो।
SP भारत सोनी ने दिए जांच के निर्देश
सिवान के एसपी भारत सोनी ने बताया कि घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम पहुंच गई है, जो नमूने एकत्र कर विस्फोट के कारणों की जांच करेगी। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर यह पता लगाया जाएगा कि पटाखे कहां से लाए जाते थे और उनके निर्माण के लिए वैध लाइसेंस मौजूद था या नहीं। ग्रामीणों का दावा है कि परिवार के पास पहले से लाइसेंस था और करीब 20 वर्षों से पटाखे बनाने का काम किया जा रहा था। हालांकि, पुलिस इन दावों का सत्यापन करेगी। एसपी के मुताबिक, लाइसेंस की जांच के लिए सीओ और एसएचओ को निर्देश दिए गए थे। जांच में लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।