फिर छिड़ेगा युद्ध? ट्रंप की धमकी पर ईरान का पलटवार, अराघची बोले- आजमा लो अपनी किस्मत
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को लेकर दिए गए बयान के बाद दोनों देशों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप की धमकी का जवाब देते हुए अमेरिका को दोबारा सैन्य टकराव की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि पिछली बार अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन इसके बाद ईरान पहले से ज्यादा मजबूत होकर उभरा था।
ट्रंप की धमकी पर अराघची का करारा जवाब
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निशाने पर लिया। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा, “Last time you wanted to ‘finish the job’, Iran emerged even stronger. Want to try your luck again? Be our guest. But be careful, we have unfinished jobs too.” अराघची के इस बयान को अमेरिका के लिए सीधी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। उनके मुताबिक, ईरान किसी भी नए टकराव का सामना करने के लिए तैयार है।
नेतन्याहू पर भी साधा निशाना
अराघची ने अपने बयान में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि नेतन्याहू अपने राजनीतिक हितों को बचाने के लिए अमेरिका को एक और युद्ध की ओर धकेल रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्री के मुताबिक, इस तरह के कदमों के परिणाम केवल इजरायल तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अमेरिका को भी इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनके बयान से साफ है कि तेहरान इस पूरे विवाद के लिए इजरायल के नेतृत्व को भी जिम्मेदार मान रहा है।
ट्रंप ने नेतन्याहू के समर्थन में क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने हालिया बयान में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व का समर्थन किया था। ट्रंप ने इजरायल के अगले नेतृत्व को लेकर भी टिप्पणी की और ईरान से जुड़े खतरे का जिक्र किया। उनके बयान के बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। अराघची ने ट्रंप के रुख पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नेतन्याहू अमेरिका को एक और सैन्य संघर्ष में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बयानबाजी ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है।
पहले भी आमने-सामने आ चुके हैं अमेरिका और ईरान
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर लंबे समय से विवाद रहा है। दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव और संघर्षविराम को लेकर भी तनाव की स्थिति बनती रही है। ऐसे में ट्रंप की नई धमकी और अराघची के जवाब ने एक बार फिर क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने की आशंका को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, आगे दोनों देश किस दिशा में कदम उठाते हैं, यह उनके आगामी बयानों और कूटनीतिक प्रयासों पर निर्भर करेगा।
क्या फिर बढ़ेगा दोनों देशों के बीच टकराव?
ईरान के विदेश मंत्री ने अपने बयान से साफ संकेत दिया है कि उनका देश अमेरिकी दबाव के सामने झुकने को तैयार नहीं है। दूसरी ओर, ट्रंप के बयानों ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव को फिर सुर्खियों में ला दिया है। नेतन्याहू को लेकर लगाए गए आरोपों ने इस विवाद में इजरायल की भूमिका को भी केंद्र में ला दिया है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या दोनों देश बातचीत के जरिए तनाव कम करेंगे या फिर बयानबाजी आगे चलकर किसी नए टकराव का कारण बनेगी।