हिमाचल के कांगड़ा में बादल फटा, लैंडस्लाइड से मची तबाही; स्कूल समेत 15 मकान मलबे में दबे
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच मंगलवार को शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी में बादल फटने के बाद भीषण लैंडस्लाइड ने भारी तबाही मचा दी। देखते ही देखते पहाड़ियों से भारी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें नीचे आ गईं, जिससे एक प्राथमिक विद्यालय, 15 मकान और चार गौशालाएं मलबे की चपेट में आ गईं। राहत की बात यह रही कि इस बड़ी प्राकृतिक आपदा में किसी की जान नहीं गई, हालांकि एक महिला घायल हुई है। प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर प्रभावित क्षेत्रों में टीमें भेज दी हैं।
कुछ मिनटों में मलबे में दबा पूरा इलाका
शाहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बोह वैली के रूलेहर, भंगार, गढ़गुहण और स्पैदा गांव सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। मलबे में कई मकानों के साथ गौशालाएं भी दब गईं, जिससे गाय, भेड़ और बकरियों सहित पशुधन को भी भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका मलबे से भर गया।
राहत-बचाव अभियान जारी
घटना की सूचना मिलते ही 15 सदस्यीय SDRF टीम, शाहपुर पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। शाहपुर के एसडीएम, पटवारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित गांवों का दौरा कर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। घायल महिला का इलाज कराया जा रहा है, जबकि प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
कांगड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीर बहादुर ने भी प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नालों और कमजोर मकानों से दूर रहें। जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम या SDRF को देने का आग्रह किया है। अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और हालात पर पूरी नजर बनी हुई है।