Gen-Z के आगे झुकी सरकार… शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, कहा – मन दुखी है
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से कोकरोच जनता पार्टी पेपर लीक के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रही है. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी. इस विरोध प्रदर्शन की मुख्य मांग थी कि धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें, जिसका असर देखने को मिला है और अब धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है. इस संबंध में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर ट्वीट कर इस्तीफे की जानकारी दी.
उन्होंने लिखा कि मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है. मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं. भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है. आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं.
प्रधान ने कहा, “जंतर-मंतर पर और देश में जो भ्रम की स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं. देश की एकता बनी रहे. देश के किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे. बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करें. करियर पर फोकस करें. इन्हीं सब बातों पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र पीएम नरेंद्र मोदी को भेज दिया है.”
अपने इस्तीफे के अंत में प्रधान ने कहा, “मैं प्रभु जगन्नाथ जी के आशीर्वाद से भविष्य में भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप मैं खुद को समर्पित करूंगा.”