इकोनॉमी के लिए गुड न्यूज! सर्विस सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार, जुलाई में 19 में से 17 क्षेत्रों में जोरदार ग्रोथ
भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सर्विस सेक्टर से जुड़ा ताजा डेटा उम्मीद बढ़ाने वाला है। सरकार की ओर से जारी नए इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (ISP) के जुलाई 2026 के आंकड़ों में 19 सर्विस सब-सेक्टर्स में से 17 में सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।
खास बात यह है कि इनमें 10 सेक्टर्स की ग्रोथ डब डबल डिजिट में रही। ये आंकड़े कारोबार, घरेलू मांग और आर्थिक गतिविधियों में मजबूती के संकेत देते हैं, हालांकि आईएसपी के आंकड़े फिलहाल प्रायोगिक आधार पर जारी किए जा रहे हैं।
प्रशासनिक सेवाओं और रिटेल सेक्टर ने दिखाई तेज रफ्तार
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अनुसार, जुलाई 2026 में प्रशासनिक एवं सहायक सेवाओं में 20.9 फीसदी की सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद खुदरा व्यापार 18.5 फीसदी, रियल एस्टेट 14.4 फीसदी, आवास एवं खाद्य सेवाएं 12.6 फीसदी और बैंकिंग सेक्टर 12.3 फीसदी की ग्रोथ के साथ आगे रहे। मंत्रालय के मुताबिक, 19 में से 17 सब-सेक्टर्स ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की, जबकि हवाई परिवहन में 8.4 फीसदी और मरम्मत सेवाओं में 5 फीसदी का संकुचन देखा गया। इस तरह ज्यादातर सर्विस सेक्टर्स में गतिविधियां बढ़ती नजर आईं।
2024-25 को बनाया गया आधार वर्ष
MoSPI ने 2024-25 को आधार वर्ष मानते हुए जुलाई 2026 के लिए 19 सर्विस सब-सेक्टर्स के आईएसपी आंकड़े जारी किए हैं। मंत्रालय ने बताया कि यह इंडेक्स फिलहाल प्रायोगिक आधार पर प्रकाशित किया जा रहा है। आईएसपी की पहली प्रायोगिक रिपोर्ट 14 जुलाई 2026 को जारी हुई थी, जिसमें अप्रैल 2026 के आंकड़े शामिल थे। नए आंकड़ों में सेवा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज हुई वृद्धि से आर्थिक गतिविधियों की तस्वीर सामने आती है, हालांकि इन आंकड़ों के आधार पर व्यापक आर्थिक निष्कर्ष निकालने के लिए आगे के महीनों के ट्रेंड को देखना भी जरूरी होगा।