मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड में बड़ा फैसला, मुस्कान और साहिल को कोर्ट ने ठहराया दोषी
मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है। मेरठ जिला जज अरविंद कुमार शर्मा की अदालत में दोनों आरोपियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। दोषसिद्धि के फैसले के बाद अब अगली नजर अदालत की ओर से सुनाई जाने वाली सजा पर है। फैसले के दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा और गहमागहमी का माहौल देखने को मिला।
126 तारीखों तक चली सुनवाई
नीला ड्रम हत्याकांड की सुनवाई करीब 13 महीने तक चली। जुलाई 2025 में ट्रायल शुरू होने के बाद अदालत में कुल 126 तारीखों पर सुनवाई हुई और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। फैसला सुनाए जाने के दौरान सौरभ के भाई राहुल राजपूत भी अदालत में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि परिवार की शुरुआत से मांग रही है कि दोनों दोषियों को फांसी की सजा मिले। अदालत के दोषी करार देने के बाद अब सजा को लेकर होने वाली अगली कार्यवाही पर सबकी नजर है।
2016 में हुई थी सौरभ और मुस्कान की शादी
मामला 3 मार्च 2025 की घटना से जुड़ा है। शिकायतकर्ता बबलू के अनुसार, उनके भाई सौरभ राजपूत ने 2016 में मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया था कि 2019 में मुस्कान के साहिल शुक्ला से संबंध हो गए थे और इसके बाद सौरभ परेशान रहने लगा था। परिजनों का कहना था कि सौरभ ने कई बार अपनी जान को खतरा होने की बात कही थी। 5 मार्च को सौरभ के अचानक लापता होने और किराए का मकान बंद मिलने के बाद परिवार ने पुलिस से उसकी तलाश करने और मामले की जांच की मांग की थी।
नीले ड्रम से बरामद हुए थे शव के टुकड़े
पुलिस ने 18 मार्च 2025 को मामले का खुलासा करने का दावा किया था। पुलिस के मुताबिक, 3 मार्च की रात सौरभ की हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से पैक कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद मुस्कान और साहिल शिमला-मनाली घूमने चले गए थे और 17 मार्च को मेरठ लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर नीले ड्रम से सौरभ के शव के टुकड़े बरामद करने की बात कही थी। अब अदालत के दोषसिद्धि के फैसले के बाद मामले में सजा के ऐलान का इंतजार है।