SCO Summit: पुतिन से मिले PM मोदी, यूक्रेन युद्ध से लेकर तेल-गैस और रक्षा सहयोग तक… अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
PM Modi Meets Putin: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अहम द्विपक्षीय मुलाकात हुई। दोनों नेताओं के बीच करीब 50 मिनट तक चली बैठक में भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब पुतिन अगले महीने भारत के दौरे पर आने वाले हैं और रूस के साथ संबंधों को लेकर भारत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव भी लगातार बना हुआ है। पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र किया और कहा कि भारत संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में किए जा रहे हर प्रयास का समर्थन करता है।
पुतिन से मुलाकात के बाद क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने पुतिन से मुलाकात के बाद एक्स पर लिखा, “राष्ट्रपति पुतिन के साथ व्यापक बातचीत हुई। भारत-रूस की ‘खास और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ के सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। यह देखकर खुशी होती है कि हाल के वर्षों में कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भारत-रूस दोस्ती के लिए ऊर्जा, इनोवेशन, अंतरिक्ष, फर्टिलाइजर और लोगों के बीच आपसी संपर्क मुख्य क्षेत्र बने हुए हैं।”
https://x.com/narendramodi/status/2094433881714032725
तेल, गैस और उर्वरकों की सप्लाई पर नजर
बैठक में ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी प्रमुख रहे। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं ने रूस से कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति, उर्वरकों की उपलब्धता तथा परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। भारत और रूस के बीच लंबे समय से रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और तकनीक जैसे क्षेत्रों में मजबूत साझेदारी रही है। दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, हालांकि व्यापार असंतुलन भारत के लिए एक अहम चिंता बना हुआ है।
रक्षा सहयोग और सैन्य उपकरणों की सप्लाई पर भी मंथन
भारत-रूस रक्षा साझेदारी को लेकर भी इस बैठक में महत्वपूर्ण बातचीत होने की संभावना है। सैन्य उपकरणों की समय पर आपूर्ति, स्पेयर पार्ट्स, तकनीकी सहयोग और रक्षा क्षेत्र में संयुक्त उत्पादन जैसे मुद्दों पर दोनों पक्ष आगे की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं। साथ ही भारतीय उत्पादों के रूस में निर्यात को बढ़ावा देने, निवेश और भुगतान व्यवस्था को आसान बनाने तथा द्विपक्षीय व्यापार को अधिक संतुलित करने के उपायों पर भी जोर दिया गया है। रूस भारत के प्रमुख रक्षा साझेदारों में शामिल है और भारतीय सैन्य तंत्र में रूसी मूल के हथियारों की बड़ी हिस्सेदारी है।
S-400 और Su-57 डील पर टिकी निगाहें
बैठक के बीच रूस की ओर से प्रस्तावित Su-57 पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान और भारत की S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त खरीद भी चर्चा में है। रूस Su-57 के साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और सोर्स कोड उपलब्ध कराने की पेशकश कर चुका है, हालांकि भारत ने इस प्रस्ताव पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं किया है। वहीं, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 के प्रदर्शन के बाद भारत इसकी अतिरिक्त बैटरियां खरीदने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। ऐसे में मोदी-पुतिन मुलाकात को आगामी भारत-रूस रक्षा और रणनीतिक सहयोग के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।