राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनावों का शेड्यूल तय, हाईकोर्ट ने समयसीमा पर लगाई मुहर
राजस्थान में लंबे समय से इंतजार किए जा रहे पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर तस्वीर अब साफ हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार ने सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट के सामने चुनावी कार्यक्रम पेश किया, जिसके बाद अदालत ने इस मामले से जुड़ी याचिका का निस्तारण कर दिया। हाईकोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि तय समयसीमा के भीतर पूरी चुनावी प्रक्रिया पूरी की जाए और इसमें किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
ओबीसी आरक्षण प्रक्रिया के बाद जारी होगा चुनावी कार्यक्रम
चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, ओबीसी सीटों के आरक्षण को लेकर गठित ओबीसी आयोग 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा। इसके बाद 6 अगस्त से 15 अगस्त के बीच आरक्षण निर्धारण और लॉटरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नगर निकाय चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम 17 अगस्त को जारी होगा, जबकि 22 अगस्त से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होगी। राज्य निर्वाचन आयोग का लक्ष्य 20 सितंबर तक नगर निकाय चुनाव संपन्न कराने का है।
सितंबर से पंचायत चुनाव की शुरुआत
नगर निकाय चुनाव पूरे होने के बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके तहत 23 सितंबर को पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी और चरणबद्ध तरीके से मतदान एवं मतगणना कराकर 15 नवंबर तक पूरी चुनावी प्रक्रिया समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे राज्य में स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा।
हाईकोर्ट ने सरकार और आयोग को दिया स्पष्ट निर्देश
कांग्रेस के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस एसपी शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की डिवीजन बेंच ने कहा कि सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को घोषित कार्यक्रम के अनुसार ही चुनाव कराने होंगे। अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अब चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए किसी भी तरह का अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा, जिससे तय समयसीमा का पालन सुनिश्चित किया जा सके।